लेह से नमो का ड्रैगन को करारा जवाब, विस्तारवाद का युग अब हो गया खत्म

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पीएम मोदी ने लद्दाख पहुंच कर एक तरफ तो देश की सेना के जवानो का हौसला तो बढ़ाया साथ ही चीन सहित पूरी दुनिया को एक संकेत भी दे दिया कि अब भारत वो देश नही जो सिर्फ सुनता हो अब भारत सुनाने में भी कोई कोर कसर नही छोड़ता है। पीएम मोदी ने इस दौरान चीन को दो टूक शब्द में समझा दिया है कि अब भी मौका है कि वो अमन शांति के रास्ते चले वरना अंजाम के लिए तैयार रहे।

इशारो इशारो में चीन को सीधा संदेश

पीएम मोदी अपने भाषण के जरिए चीन पर हमला करते हुए साफ शब्दो में समझाया कि अब विस्तारवाद का युग समाप्त हो चुका है और अब विकासवाद का युग है। तेजी से बदलते समय में विकासवाद ही प्रासंगिक है। विकासवाद के लिए असवर हैं यह ही विकास का आधार हैं। बीती शताब्दी में विस्तारवाद ने ही मानव जाति का विनाश किया। किसी पर विस्तारवाद की जिद सवार हो तो हमेशा वह विश्व शांति के सामने खतरा है। लेकिन इसके साथ साथ पीएम ने अपना रुख भी साफ कर दिया और कहा कि भारत वो देश है जहां न जाने कितने आक्रांताओं ने हमला किया लेकिन सबको मुंह की खानी पड़ी। ऐसे में भारत माता पर बुरी नजर डालने वालो को जिस तरह का जवाब भारतीय सेना ने दिया है उससे देश निश्चिन्त है कि कोई भी उसका बाल बाका नही कर सकता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उनकी भुजाएं चट्टान जैसी हैं। इसके बाद पीएम मोदी बोले कि दुश्मनों ने जवानों का जोश और गुस्सा देख लिया है।

दो माताओं को सोचकर लेता हूं फैसला

पीएम ने कहा कि जब-जब वह राष्ट्र रक्षा से जुड़े फैसले के बारे में सोचते हैं तो सबसे पहले दो माताओँ को याद करते हैं। पहली हमारी भारत माता, दूसरी वे वीर माताएं जिन्होंने सैनिकों को जन्म दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने बोला कि आज सेना के लिए अनेक नई नई तकनीक के अस्त्र लिये जा रहे हैं जिससे फौज मजबूत हो सके। साथ ही आत्मनिर्भर देश के साथ साथ फौज भी बने इसके लिए कदम उठाये जा रहे हैं। क्योंकि हम अच्छी तरह से जानते हैं कि शांति तभी स्थापित हो सकती है जब शक्ति का ठीक संतुलन होता है। इसलिये  भारत भी नये नये हथियार खरीद रहा है।

कृष्ण का उदाहरण

पीएम मोदी ने जवानो का हौसला बढ़ाते हुए एक बार फिर से सुदर्शनधारी कृष्ण भगवान का नाम लेते हुए चीन को सख्त संदेश दिया उन्होने बोला कि हम वही हैं जो प्यार की बासुरी बजाते हैं तो वक्त आने पर सुदर्शन चक्रधारी भी बन जाते हैं। उन्होने कहा कि वो भगवान कृष्ण से प्रेरणा  लेते हैं कि अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए कैसे दुश्मन पर टूट जाया करता है। इतना ही नही उन्होने साफ किया कि देश के सेना के जवानो का साहस उस ऊंचाई से भी ऊंचा है, जहां, आप तैनात हैं। आपका निश्चय, उस घाटी से भी सख्त है, जिसको आप रोज अपने कदमों से नापते हैं। आपकी भुजाएं, उन चट्टानों जैसी मजबूत हैं, जो आपके इर्द-गिर्द हैं। आपकी इच्छा शक्ति आस पास के पर्वतों की तरह अटल है।

मतलब साफ है कि पीएम मोदी ने एक तरफ दुश्मन की सीमा पर जाकर अब चीन पर मनौवैज्ञानिक दबाव बना दिया है जो जंग के माहौल में बहुत काम आता है तो दूसरी तरफ सेना के हौसले को बढ़ाकर कही न कही सीमा की चौकसी को भी बहुत मजबूत कर दिया है।


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