किसानों के संदेह को दूर करने खुद आगे आये नमो

70 साल में पीएम मोदी शायद पहले ऐसे पीएम है, जो अगर कोई बिल संसद में लाते है और उसके विरोध में भ्रम फैलाया जाता है तो खुद मोर्चा संभालते है और जनता के भ्रम को दूर करते है फिर वो धारा 370 का मुद्दा हो या फिर NRC  बिल हो या फिर नई शिक्षानीति पर सवाल। हर सवाल का जवाब वो खुद जनता को देते है। इसी क्रम में अब पीएम मोदी ने देश के किसानों के भ्रम को दूर करने का बीड़ा उठाया है। खुद पीएम मोदी ने कृषि बिल के फायदे किसानों के सामने रखे है जो हम आपको बता रहे है।

पीएम मोदी ने गिनाये फायदे

  1. पीएम ने दावा किया कि इस बिल से बिचौलियों का सिस्टम खत्म होगा। किसान और ग्राहक के बीच जो बिचौलिये होते हैं, जो किसानों की कमाई का बड़ा हिस्सा खुद ले लेते हैं, उनसे बचाने के लिए ये विधेयक लाए जाने बहुत आवश्यक था ये विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच से कम नही है
  2. कोई भी व्यक्ति अपना उत्पाद, दुनिया में कहीं भी बेच सकता है, जहां चाहे वहां बेच सकता है लेकिन केवल किसान को इस अधिकार से वंचित रखा गया था अब नए प्रावधान लागू होने के कारण, किसान अपनी फसल को देश के किसी भी बाजार में, अपनी मनचाही कीमत पर बेच सकेगा।
  3.  सरकार के द्वारा किसानों को MSP का लाभ नहीं दिया जाएगा, ये भी मनगढ़ंत बातें कही जा रही हैं। किसानों से धान-गेहूं इत्यादि की खरीद सरकार द्वारा नहीं की जाएगी, ये सरासर झूठ है, गलत है, किसानों को धोखा है, हमारी सरकार किसानों को MSP के माध्यम से उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी खरीद भी पहले की तरह जारी रहेगी।
  4.  केंद्र की योजनाओं के द्वारा किसानों के खाते में एक लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं। कई योजनाओं को पूरा किया गया, सिंचाई के लिए अलग योजना बनाई जा रही है।

भ्रम से बचने का दिया संदेश

इसके साथ साथ पीएम ने उन लोगो से बचने का संदेश भी दिया है, जो इस बिल को लेकर भ्रम फैला रहे है कि इससे किसानों की कमाई कम हो जायेगी। यहां ये भी बताने वाली बात है कि बिहार में ये मॉडल पहले से लागू है और किसान इसका फायदा ले रहे है। बिहार में मिली अपार सफलता के बाद ही मोदी सरकार ने इसे देश भर में लागू करने के लिये विधेयक लाने का काम किया है। मजे की बात तो ये है कि आज जो इस बिल का विरोध कर रहे है वो पहले इस बिल के साथ खड़े थे और किसानों के हित में इस बिल को बता रहे थे, बकायदा इसका सबूत भी सोशल मीडिया पर देखा जा रहा है।

इससे तो बस यही लगता है कि कुछ लोगों का काम ही होता है शुभ कामो को रोकने के लिये हंगामा खड़ा करना लेकिन जिस तरह से हमारे प्रधान और देशवासियों का दिल से नाता है वो समझ जाते है कि कौन सियासत कर रहा है और कौन उनके हित के लिए काम