माँ के आशीष ने पीएम मोदी को समूची दुनिया में दिलाई पहचान

कहते है ना कि मां के आशीष में बहुत ज्यादा प्रभाव होता है और वो बड़े से बड़े काज चुटकियों में पूरा कर देती है और आपने ऐसा महसूस भी किया होगा। क्योंकि धरती में भगवान का रूप माँ ही होती है और ये बात पीएम मोदी बहुत अच्छी तरह से जानते है। तभी तो जब भी वो कोई इतिहास रचते है तो मां का आशीर्वाद लेना नहीं भूलते।

मां के आशीर्वाद से पीएम मोदी कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते चले गए

17 सितंबर 2013 को बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को पीएम उम्मीदवार घोषित किया था। इस दिन अपनी मां से मुलाकात के बाद नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय फलक पर ऐसे छाए कि छाते चले गए। पीएम मोदी ने 2014 में जो करिश्मा किया था, वो 2019 में बड़े चुनावी चमत्कार में बदल गया था। बीजेपी की दोबारा बंपर जीत हुई। कार्यकर्ता जश्न में डूब गए लेकिन देश जीतने के बाद पीएम मोदी, सीधे मां के कदमों में आ पहुंचे। मां के आशीर्वाद से पीएम मोदी कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते चले गए लेकिन मौका जब-जब मिला उन्होंने दुनिया को बताया कि उनके आज का अस्तित्व, अतीत में किए मां की मेहनत का ही नतीजा है। इसीलिये यूपी चुनाव में मिली भारी जनादेश के बाद पीएम मोदी सीधे अपनी मां से आशिर्वाद लेने पहुंच गये। इस दौरान उन्होने माँ के साथ खाना भी खाया।

पीएम मोदी और उनकी मां का अटूट रिश्ता

मां हीराबेन का पीएम मोदी के जीवन में कितना बड़ा स्त्रोत हैं इसका जिक्र उन्होंने फेसबुक के एक कार्यक्रम में किया था। साल था 2015 और महीना था सितंबर. पीएम मोदी फेसबुक के टाउनहॉल कार्यक्रम में बतौर चीफ गेस्ट पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान जब मां का जिक्र आया तो पीएम भावुक हो गए थे। मां से उन्हें किस कदर लगाव है इसका जिक्र उन्होंने फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग के एक सवाल के जवाब में किया था।पीएम मोदी कई मंचों से बता चुके हैं कि उनका जीवन कितने कष्ट में बीता। पिता का देहांत हुआ तो परिवार के लालन-पालन की जिम्मेदारी मां हीराबेन के कंधों पर आ गई और मां का वो कष्ट पीएम मोदी जब भी याद करते हैं उनकी आंखें डबडबा जाती हैं।मां हीराबेन के काटे कष्ट ने ही एक ऐसा किरदार गढ़ दिया जो चाय बेचते-बेचते देश का पीएम बन गया।

मां से मिले संस्कार और अनुभव से मिली सूझबूझ ने नरेंद्र दामोदर दास मोदी को प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी बना दिया। ये नाम भी गुमानामी की गलियों में खो जाता लेकिन मां के आशीर्वाद ने मोदी को ना कभी झुकने दिया और ना ही कभी रुकने।