2 दिन पहले ही संसद का मॉनसून सत्र हुआ खत्म, विपक्ष के चलते संसद के 74 घंटे हुए खराब

विपक्ष के हर रोज हंगामा करने और सदन की कार्यवाही को ठीक तरह से नहीं चलने देने के बीच मानसून सत्र को दो दिन पहले ही समाप्त कर दिया गया है। कृषि कानूनों और पेगासस जासूसी विवाद समेत कई मुद्दों पर विपक्ष की हठधर्मिता का ही नतीजा है कि इस बार संसद में ना के बराबर काम हुआ।

लोकसभा का 74 घंटा विपक्ष के चलते हुआ खराब

लोकसभा की कार्यवाही बुधवार को अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित हो गई। इसका अर्थ यह हुआ कि इस मॉनसून सेशन में अब लोकसभा नहीं चलेगी। इस तरह से लोकसभा का मॉनसून सत्र दो दिन पहले ही समाप्त हो गया। मॉनसून सत्र के लिए 19 जुलाई से 13 अगस्त तक की तारीख तय की गई थी, लेकिन लोकसभा दो दिन पहले ही स्थगित हो गई है। इस बाबत लोकसभा स्पीकर ने बताया कि मानसून की 19 बैठको में 74 घंटे सिर्फ विपक्ष के हंगामा के चलते बर्बाद हुए जिससे इस सत्र में महज 22 फीसदी ही काम हो पाया तो 20 विधेयक ही पास हो सके जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। सदन से बाहर आकर उन्होने बोला कि जिस तरह से विपक्ष ने सदन में मंत्रियों से कागज छीने तो सभापति की तरफ रूल बुक फेंगी गई उससे लोग संसद की मर्यादा पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाया है। ऐसा आगे ना हो इसके लिये हमें अभी से सोचना चाहिये।

विपक्ष की बेअदबी पर भावुक हुए वेंकैया नायडू

कृषि कानूनों और पेगासस जासूसी विवाद समेत कई मुद्दों पर राज्‍य की कार्यवाही लगातार विपक्षी सांसदों के हंगामे की भेंट चढ़ रही है. राज्यसभा में बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सभापति वेंकैया नायडू भावुक हो गए। उन्‍होंने मंगलवार की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब कृषि कानूनों का विरोध करते हुए कुछ सांसद मेज पर बैठ गए और अन्य सदस्य सदन की मेज पर चढ़ गए, तब इस राज्यसभा की सारी पवित्रता खत्म हो गई। वेंकैया नायडू ने कहा कि विपक्ष की बेअदबी के बाद कल रात सो नहीं सके। वेंकैया नायडू ने कहा, ‘मैं इस बात से बेहद दुखी हूं कि कुछ सदस्यों ने मॉनसून सेशन में बुरी तरह हंगामा किया है। हमारी राय अलग-अलग हो सकती है, किसी भी मसले पर बहस की जा सकती है लेकिन जिस तरह से उपद्रव किया गया था, वह दुख पहुंचाने वाला है।’ नायडू जब अपनी बात रख रहे थे तब भी सदन में लगातार हंगामा जारी रहा। इसके साथ ही उन्‍होंने कहा क‍ि हंगामा करने वालों पर एक्शन होगा।

मंगलवार को हंगामे पर बोलते समय भावुक हुए नायडू, कहा- सदन में जो हुआ उसकी  निंदा करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं

दरअसल, विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा किया। इस दौरान विपक्षी दलों ने ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे लगाए और कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। विपक्षी दल के सांसदों ने कल रिपोर्टिंग बेंच डिस्टर्ब किया गया। कुछ सांसद मेज पर बैठ गए और कुछ अन्य सदस्य सदन की मेज पर चढ़ गए थे। इसके बाद रूल बुक को भी उठा कर फेंका गया जो भारत के लोकतंत्र में एक तरह से काले अध्याय के तौर पर जाना जायेगा क्योंकि कानून बनाने वाले मंदिर में ही कानून को तार तार किया गया उसे हमेशा याद रखा जायेगा।