दिल्ली के दफ्तर में बैठकर मोदी के मंत्री नहीं करते काम

जिस तरह से रेल मंत्री कभी रेल कर्मचारियों को गले लगाते हुए दिखाई देते हैं, तो कभी रेल के इंजन में खुद सफर करके जायजा लेते है। उससे तो यही लग रहा है कि अब वो दौर खत्म हो गया जब मंत्री सिर्फ दिल्ली के दफ्तर में बैठकर काम किया करते थे या फिर सिर्फ फीता काटने के लिये दौरा करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है क्योंकि जहां रेल मंत्री खुद रेलवे से जुड़ी हर चीज का जायजा ले रहे हैं तो ठीक इसी तरह दूसरे मंत्री भी परियोजनाओं की स्पीड को चेक करने के लिये खुद प्रोजेक्ट स्थल पर पहुंचकर जायजा लेते रहते हैं।

रेलमंत्री ने किया इंजन में सफर

पीएम मोदी बचपन में जिस रेलवे स्टेशन पर चाय बेचा करते थे, उस वडनगर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प हो गया है। इस बीच पीएम मोदी के वडनगर में देश के नए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शुक्रवार को अलग अंदाज में दिखे और खुद ट्रेन के इंजन में सवार होकर वह जांच पर निकले। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कल वडनगर रेलवे खंड का निरीक्षण किया और लोकोमोटिव पायलट के साथ रेल इंजन में यात्रा की इस दौरान वो खुद कई बार ट्रेन के पायलट से सवाल करते हुए दिखाई दिये। रेल मंत्री वैष्णव अधिकारियों और लोको पायलट से ट्रेन संचालन के दौरान होने वाली असुविधाओं और शिकायतों के बारे में जानकारी ली। इससे पहले भी रेलमंत्री जब दिल्ली के एक रेल दफ्तर गये थे तो उन्होंने रेलवे कर्मचारियों से कई तरह के सवाल किये थे। तो दूसरी तरफ अपने कॉलेज से पढ़े एक कर्मचारी को गले भी लगाया था जो ये बताता है कि अब मंत्री और विभाग के कर्मचारी एक परिवार की तरह करते है काम।

ज्यादातर मंत्री परियोजनाओं का खुद धरते ध्यान

ऐसा नहीं है कि मोदी टीम में रेलमंत्री ही ऐसा करते हुए दिखाई देते है। उनसे पहले नितिन गडकरी की बात करें तो वो राजमार्ग के कामकाज का सारा जिम्मा खुद देखते हैं और खुद जायजा लेने भी जाते हैं तो राक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी दिल्ली में बैठकर या साल में एक बार सीमा पर घूमकर विभाग नही चलाते वो हर महीने किसी ना किसी सीमा पर जाकर सेना के जवानों का जोश बढ़ाते रहते हैं। ये तो रहे बड़े नाम इसी तरह राज्यमंत्री भी परियोजनाओं का हाल लेते हुए परियोजना स्थल पर आमूमन देखे जाते हैं जिससे ये साफ होता है कि मोदी सरकार में काम करने का तरीका बदल चुका है।

वैसे भी पीएम मोदी बोल चुके हैं कि 21वीं सदी का भारत 20 वीं सदी के तौर तरीके से नहीं चलेगा। तभी सबकुछ बदला हुआ नजर आ रहा है और तय वक्त पर परियोजना पूरी होती दिखाई दे रही है।

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