SCO के मंच से मोदी का आतंकवाद पर हमला

मौका भी था और दस्तूर भी जिसे पीएम मोदी ने पूरी तरह से भुनाया भी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एससीओ समिट की वर्चुअल बैठक में बिना नाम लिये पाक पर हमला बोला और बोला की आतंकवाद के खिलाफ सभी देश को एक होना होगा।

आतंकवाद, अवैध हथियारों और मनी लॉन्डरिंग के विरोध में उठाई आवाज

पीएम मोदी ने एक बार फिर से विश्व को ये साफ संदेश दिया है पीएम मोदी ने कहा कि यह एक रेफॉर्म्ड मल्टीलेटरलिस्म है जो आज की वैश्विक वास्तविकताओं को दर्शाए, जो सभी स्टॉकहोल्डर्स की अपेक्षाओं, समकालीन चुनौतियों, और मानव एससीओ समिट में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को शांति, सुरक्षा और समृद्धि पर दृढ़ विश्वास है और हमने हमेशा आतंकवाद, अवैध हथियारों की तस्करी, ड्रग्स और मनी लॉन्डरिंग के विरोध में आवाज उठाई है। भारत एससीओ चार्टर में निर्धारित सिद्धांतों के अनुसार एससीओ के तहत काम करने की अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ रहा है। यानी की एक तीर से दो निशाने पीएम ने साधा है SCO मच से चीन, पाक को सख्त संदेश दिया है। कि आंतकवाद के मुद्दे पर भारत अब समझौता नही कर सकता है।

संयुक्त राष्ट्र का मूल लक्ष्य अभी अधूरा

इस बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और पाक पीएम इमरान खान समेत विश्व के अन्य बड़े नेता जुड़े हुए हैं। वर्चुअल बैठक में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने अपने 75 साल पूरे किए हैं। लेकिन अनेक सफलताओं के बाद भी संयुक्त राष्ट्र का मूल लक्ष्य अभी अधूरा है। महामारी की आर्थिक और सामाजिक पीड़ा से जूझ रहे विश्व की अपेक्षा है कि UN की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आए हैं। अभूतपूर्व कोरोना महामारी के इस अत्यंत कठिन समय में भारत के फार्मा उद्योग ने 150 से अधिक देशों को आवश्यक दवाएं भेजी हैं। दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के रूप में भारत अपनी वैक्सीन उत्पादन और वितरण क्षमता का उपयोग इस संकट से लड़ने में पूरी मानवता की मदद करने के लिए करेगा।

यानी पीएम मोदी ने इस मंच से साफ बता दिया कि कोरोना महामारी से देश के साथ साथ विश्व को भी इस माहामारी से मुक्त करवाने के लिये भारत प्रतिबध है तो विश्व से आतंकवाद के खात्मे तक इससे लड़ने के लिये भी तैयार है। पीएम मोदी ने जिस तरह से अपनी बात रखी उसके बाद ये तो पक्का है कि चीन और पाक की परेशानी आने वाले दिनो में और बढ़ने वाली है।