किसानों के उत्थान के लिए मोदी का 10 सूत्रीय मास्टरप्लान

अपने चुनाव प्रचार के दौरान PM मोदी ने किसानो के उत्थान के लिए कई योजनाओ का एलान किया था जिसे अब कृषि मंत्रालय जल्द से जल्द पूरा करने की तैयारियों में जुट गया है| इन योजनायो को सफल बनाने के लिए मंत्रालय अपनी रणनीति तैयार कर रहा है| बता दें कि सरकार इस बार कृषि क्षेत्र में 25 लाख करोड़ का भारी रकम का निवेश कर रही है|

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

6 जुलाई को मोदी 2.0 की सरकार के पहले बज़ट के पेश होने के ठीक बाद ही केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों की दिल्ली में बैठक बुलाई जिसका नेतृत्व वो खुद कर रहे थे| बैठक का अहम् मुद्दा था किसानों की आय को दुगना करने के लिए एक रूप रेखा तैयार करना जिसमे उन्हें सभी कृषि मंत्रियों के सहयोग की ज़रुरत थी|

इस बैठक में किसानों के लिए 10 सूत्रीय रुप रेखा तैयार की गई| आइये जाने क्या है ये 10 सूत्रीय रुप रेखा|

1. पीएम किसान सम्मान निधि

चुनाव के शुरू होने से पहले ही PM ने किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी जिसके अंतर्गत देश के 14.5 करोड़ किसानों को खेती के लिए सालाना तीन किस्तों में 6 हजार रुपए दिया जाना है| अब तक इस योजना का लाभ लगभग 3 करोड़ किसानों को मिल चूका है और सरकार जल्द से जल्द बचे हुए किसानों को इसका लाभ पहुँचाने का काम कर रही है|

2. जैविक खेती और जीरो बजट प्राकृतिक खेती

अपने पहले बज़ट में मोदी 2.0 की सरकार किसानों को जीरो फार्मिंग के ज़रिये पारंपरिक और प्राकृतिक खेती करने पर जोर डाल रही है| इसके तहत सरकार किसानों को खेतों में रासायनिक खाद के स्थान पर गोबर, गौमूत्र, चने के बेसन, गुड़ और मिटटी से बने खाद का इस्तेमाल करने के निर्देश दे रही है| इस बैठक में जीरो बज़ट फार्मिंग के लिए किसानों को यथासंभव सहायता देने की भी बात की गई|

3. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

किसानों की फसल जब प्राकृतिक आपदा से नष्ट हो जाती है ऐसे में उन्हें भारी नुकसान से गुजरना पड़ता है| इस संकट से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की है और सभी किसानों को इस योजना के साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि हर किसान को इसका लाभ मिल सके|

4. मंडी सुधार

सरकार कृषि मंडी सुधार के ज़रिये किसानों की आर्थिक हालत को बेहतर बनाना चाहती है जिसके लिए केंद्रीय कृषि मंत्री ने सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों से सहयोग की मांग की है| यही नहीं अपने बज़ट में सरकार ने 10 हजार नए कृषि उत्पादक संगठन के निर्माण की बात भी कही है|

5. किसान क्रेडिट कार्ड अभियान

मोदी सरकार किसानों के क्रेडिट कार्ड योजना में खेती के साथ डेयरी और मात्स्यिकी क्षेत्र को भी शामिल करने पर जोर दिया है| बता दें कि सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 4 फीसदी ब्याज पर किसानों को तीन लाख तक का लोन उपलब्ध करवाती है|

6. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन

इस मिशन का अहम् एजेंडा है गेहूं, चावल और दलहन उत्पाद में वृद्धि लाना और देश में खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना| किसानो को डिजिटल करने के साथ ही क्लस्टरों की स्थापना को भी बढ़ावा दिया गया है|

7. कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग

केंद्रीय कृषि मंत्री ने राज्य के कृषि मंत्रियों को कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए है| दरसल कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में किसान अपने ज़मीन पर खेती तो करता है पर किसी कॉरपोरेट या मल्टीनेशनल कंपनी के लिए, इस प्रक्रिया में किसानों को पैसे खर्च नहीं करने पड़ते|

8. कृषि आयात-निर्यात नीतियां

केंद्र सरकार ने कृषि उत्पाद पर आयात और निर्यात पर नीतियाँ बनाने की बात पर भी जोर दिया है ताकि किसानो को उनके उत्पाद का सही मूल्य मिल सके|

9. अन्नदाता बने ऊर्जादाता

केंद्रीय कृषि मंत्री ने राज्य के कृषि मंत्रियों से आग्रह किया की वो किसानों को आत्मनिर्भर और कृषि संसाधनों के जरिए उर्जादाता बनाने पर जोर दे और इसके लिए प्लान भी तैयार करे|

10. कृषि अवसंरचना में निवेश

किसानो के उत्थान के लिए मोदी सरकार कृषि एवं कृषि संबद्ध क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश करेगी और साथ ही खाद्य प्रसंस्करण के लिए निजी उद्यमियों को बढ़ावा भी देगी| अपने बज़ट में वित्त मंत्री सीतारमण ने किसानों को ‘कारोबार सुगमता’ एवं ‘जीवन सुगमता’ से जोड़ने की बात भी कही|