दुसरे कार्यकाल के पहले विदेशी दौरे पर मोदी आज गए मालदीव, निशान इज्जुद्दीन से नवाजे जायेंगे

प्रधानमंत्री मोदी अपने दुसरे कार्यकाल के प्रथम विदेशी दौरे पर आज मालदीव जा रहे हैं| मालदीव ने मोदी को “निशान इज्जुद्दीन” (जो मालदीव का सर्वोच्च सम्मान है), से नवाजने का फैसला किया है| मालदीव के विदेश मंत्री, अब्दुल्ला शाहिद ने मोदी को ये सम्मान दिए जाने की पुष्टि की है| इस से पहले मोदी पिछले साल नवम्बर में राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में मालदीव गए थे|

क्यों है मालदीव भारत के लिए महत्वपूर्ण?

भारतीय तटीय सीमा से सिर्फ 1200 किलोमीटर दूर मालदीव भारत के लिए रणनीतिक एवं सामरिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण देश है| दोनों देशों के बीच संबंध हमेशा मधुर रहे हैं| मालदीव के पिछले राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के समय में मालदीव की नजदीकियां चीन से बढ़ी थी और चीन ने मालदीव में भारी निवेश भी किया था| लेकिन इस से पहले भारत ने 1988 में तत्कालीन राष्ट्रपति गयूम के रेस्क्यू ऑपरेशन, ऑपरेशन कैक्टस में भारतीय सेना ने मालदीव की सहायता की थी|

मालदीव में चीन की बढती दखलंदाजी भारत के लिए चिंता का विषय थी| हालाँकि वर्तमान राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के कार्यकाल में भारत और मालदीव के रिश्ते प्रगाढ़ हुए हैं| दिसंबर 2018 में भारत ने मालदीव को 1.4 बिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता देने की पेशकश की थी, और मालदीव के विकास कार्यों में भी भारत बढ़-चढ़ कर योगदान कर रहा है|

क्या ख़ास मुद्दों पर होगी बात

द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान भारत और मालदीव के बीच सेना, सुरक्षा, और कनेक्टिविटी के मुद्दों पर समझौते होने के आसार हैं| ऐसा माना जा रहा है कि मोदी के इस मालदीव दौरे के दौरान भारत और भी आर्थिक सहायता की पेशकश कर सकता है| विदेश सचिव, विजय गोखले ने कहा कि, “भारत मालदीव में अंतरद्वीपीय यातायात और कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करने को इच्छुक है|”

उल्लेखनीय है मालदीव ने भारत से एक क्रिकेट टीम बनाने में सहायता की भी गुजारिश की है और भारत इसके ऊपर काम शुरू भी कर चूका है| सूत्रों के अनुसार, एक कदम आगे बढ़कर भारत मालदीव में एक क्रिकेट स्टेडियम भी बनाने की सोच रहा है|

अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मालदीव की संसद, मजलिस को भी संबोधित करेंगे और उन्हें राष्ट्रपति कार्यालय में “निशान इज्जुद्दीन” से नवाजा जायेगा|