एग्जाम, तनाव और मार्क्स को लेकर स्टूडेंट्स को मोदी सर ने दिया “गुरु मंत्र”

छात्रों को एग्जाम के तनाव से बचने के लिए पीएम मोदी एक बार फिर छात्रों के बीच मुखातिब हुए। परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से बातचीत की और उन्हे वो टिप्स दिए जो ना केवल परीक्षा में उनके काम आने है बल्कि जीवन में भी उन्हे आगे ले जाने में सफल बनायेगे।

तो आप करते हैं उसमें विश्वास भरें

परीक्षा से पहले भय और नंबर कम आने से जुड़े प्रश्नों पर पीएम मोदी ने कहा कि परीक्षा जीवन का सहज हिस्सा है। यह आपकी विकास यात्रा का हिस्सा है। आप कई बार एग्जाम दे चुके हैं। परीक्षा के अनुभवों को अपनी ताकत बनाएं। जो आप करते हैं उसमें विश्वास भरें। परीक्षा जीवन का एक पड़ाव भर है। ऑनलाइन क्लास करते करते ऑनलाइन गेम खेलने और सोशल मीडिया की आदत हो गई है। इस समस्या से कैसे निजात पाएं? इस प्रश्न पर पीएम मोदी ने कहा कि माध्यम चाहे ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, मन समस्या है। मन लगना चाहिए। मन से पढ़ेंगे तो ध्यान नहीं भटकेगा। जीवन में माध्यम बदलते रहते हैं। ऑनलाइन पाने के लिए है और ऑफलाइन बनने के लिए है। मुझे कितना ज्ञान अर्जित करना है मैं अपने मोबाइल फोन पर ले आऊंगा, जो मैंने वहां पाया है ऑफलाइन में मैं उसे पनपने का अवसर दूंगा। ऑनलाइन का अपना आधार मजबूत करने के लिए उपयोग करें और ऑफलाइन में जाकर उसे साकार करना है। ऑनलाइन को एक अवसर मानिए। पीएम मोदी ने कहा कि जितना आइपैड, मोबाइल फोन के अंदर घुसने में आनंद आता है, उससे हज़ार गुना आनंद अपने भीतर घुसने का होता है। दिन भर में कुछ पल ऐसे निकालिए, जब आप ऑनलाइन भी नहीं होंगे, ऑफलाइन भी नहीं होंगे बल्कि इनरलाइन होंगे। जितना अपने अंदर जाएंगे, आप अपनी ऊर्जा को अनुभव करेंगे।

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सेल्फ मोटिवेटेड होना जरूरी, अपनी हताश खुद खत्म करें

छात्रों से पीएम मोदी ने कहा कि सेल्फ मोटिवेटेड होना भी बेहद जरूरी है। मोटिवेशन के लिए किसी की जरूरत नहीं होती। हताशा की असली वजह समझने की कोशिश करें। हताशा से खुद निपटिए। हार न मानें, कमियों को सुधारकर उसे ही अपनी ताकत बना लें। जीवन में अंदर की सकारात्मक ताकत पहचानें। खुद को जानना बहुत जरूरी है। उसमें भी कौन सी बातें हैं जो आपको निराश करती हैं, उन्हें जानकर अलग कर लें। फिर आप ये जाने लें कि कौन सी बातें आपको सहज रूप से प्रेरित करती हैं।आप स्वयं के विषय पर जरूर विश्लेषण कीजिए। इसके साथ साथ पढ़ने के बाद कैसे चीजों को याद रखें, स्मरण शक्ति कैसे दुरुस्त करें? इस प्रश्न पर पीएम मोदी ने कहा कि यह हर छात्र को लगता है। जब आप पढ़ रहे होते है, उस पल को जीभर कर जिएं। यह पल आपकी शक्ति बन जाएगा। जो करें सजग भाव से करें। भूलने का यह कारण है कि हम उस पल को ठीक से नहीं जीते। मन को स्थिर करिए।

पीएम मोदी की टिप्स पाकर एक ओर छात्र काफी खुश दिखे तो चलते चलते पीएम मोदी ने ये भी बताया कि कैसे ये कार्यक्रम उनके दिल के सबसे करीब है। क्योकि वो इस कार्यक्रम में आकर आपसे बहुत कुछ सीखते है। ये शब्द पीएम मोदी की विनम्रता को दर्शाता है कि पीएम होते हुए भी वो देश बच्चों के लिए समय निकालते है। जिनको पहले के नेता वोटर नहीं होने के चलते हमेशा पीछे रखते थे।