जापान में बोले मोदी – भारत संभावनाओं का द्वार है

Modi said in Japan

G-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने जापान पहुंचे भारतीय प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल वहां भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया| मोदी ने कहा की आज दुनिया भारत को एक गरीब विकासशील देश की तरह नहीं देखती, आज के आधुनिक भारत को संभावनाओं के द्वार के दौर पर दुनिया देखती है|

अपनी जीत को सच्चाई की जीत बताया

खुद को दुबारा देशसेवा का मौका देने के लिए प्रधानमंत्री ने एक बार फिर जनता का आभार जताया| उन्होंने कहा की अगर चीन को छोड़ दें तो दुसरे किसी भी देश की पूरी जनसँख्या से ज्यादा मतदाता चुनाव में वोट देने के लिए भीषण गर्मी में घरों से बाहर निकले और मतदान किया| अपनी जीत को उन्होंने सच्चाई की जीत बताया|

modi addressing indian community in japan

जापान में बसे भारतियों को भी उन्होंने इसके लिए धन्यवाद दिया| उन्होंने सांकेतिक भाषा में कहा कि जैसे स्टेडियम में बैठ कर मैच देखने पर दर्शकों को ज्यादा अच्छे से पता होता है कि गलती कहाँ हुई, वैसे ही देश से दूर बैठकर भी आप्रवासी अपने देश में हो रहे कार्य और कार्य के पीछे के कारकों का सही मूल्यांकन कर सकते हैं| वो भीड़ से प्रेरित नहीं होते, और तठस्त होते हैं|

सेवा धर्म – जापान और भारत दोनों का मूल धर्म

मोदी ने भारत और जापान की सांस्कृतिक तुलना करते हुए कहा की, भारत और जापान दोनों देशों में सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और जापान ने इस बात को जीवंत कर के दिखाया है| जापान और भारत के रिश्ते बहुत पुराने हैं, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से इन रिश्तों में और भी गर्माहट आयी|

गाँधी जी के तीन बन्दर जापान से ही

मोदी जी ने महात्मा गाँधी का उल्लेख करते हुए कहा कि, जापान के साथ भारत के रिश्तों की कड़ी महात्मा गाँधी से भी जुडी है| गांधी जी के तीन बंदरों वाली सीख, “बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत कहो” की पीछे भी जापान है| ये तीन बन्दर 17वीं शताब्दी के जापान से जुड़े हैं|
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बाद सभा में जय श्रीराम और वन्दे मातरम् का उद्घोष भी हुआ|