मोदी ने निभाया वादा – कश्मीर में धारा 370 ख़त्म

Modi promised to end Article 370

आज का दिन जम्मू कश्मीर के जनता के लिए सबसे बड़े बदलाव का दिन है | जी हाँ MODI 2.0 सरकार अपने कार्यकाल के शुरुआत से ही जम्मू-कश्मीर के लिए बड़ा फैसला लेने की कवायद कर रही थी और इसी क्रम में आज सरकार ने करीब 70 साल पुरानी कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 को ख़त्म करने का प्रस्ताव राज्यसभा में पेश कर दिया है |

बता दे की आज सुबह करीब 9:30 बजे से ही मोदी सरकार कैबिनेट की बैठक शुरू हुई थी | बैठक को लेकर यहीं कयास लगाये जा रहे थी आज मोदी की कैबिनेट कश्मीर को लेकर कुछ बड़ा फैसला लेने वाली है और करीब 40 मिनट तक चली बैठक के बाद खबर आई की बैठक में जिस भी मुद्दे पर चर्चा हुई है उसके बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बयान देंगे पर मीडिया को नहीं बल्कि राज्यसभा और लोकसभा में देंगे वो भी दो अलग समय पर | और तयअनुसार अमित शाह ने 370 आर्टिकल ख़त्म करने के प्रस्ताव के मुद्दे पर करीब 11 बजे राज्यसभा में बयान जारी किया

बता दे की इस मुद्दे पर बहस से पहले ही कश्मीर में सुरक्षा के पुख्ता इन्तेजाम कर दिए गए है | अतिरिक्त सुरक्षाबल की तैनाती के साथ-साथ धारा 144 भी कश्मीर में लागु कर दिया गया है | इस समय कश्मीर के सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए है | अमरनाथ यात्रा को भी कुछ समय के लिए रोक दिया गया है | राज्य में इन्टरनेट की सुविधाएं भी बंद कर दी गयी है | साथ ही महबूबा मुफ़्ती, अमर अब्दुल्लाह समेत कई विपक्षी नेताओं को नज़रबंद कर दिया गया है |

कैबिनेट की बैठक ख़त्म होने के बाद इस मुद्दे को राज्यसभा में पेश करने हेतु केंद्रीय गृह मंत्री करीब 10:30 में संसद परिसर पहुंचे | एक तरफ इस मुद्दे को राज्यसभा में पेश करने की तैयारी चल रही थी वहीँ दूसरी तरफ लोकसभा में कांग्रेस,आरजेडी,टीएमसी समेत कई विपक्षी दलों की बैठक चल रही है जिसका अहम् मुद्दा यही है की कैसे इस प्रस्ताव को खारिज किया जाये |

सुबह 11 बजे राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई जहाँ पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ PM मोदी भी मौजूद थे | 11 बजकर 9 मिनट पर राज्यसभा सभापति वैंकेया नायडू ने अमित शाह को अपना बिल और बयान पेश करने की अनुमति दी और इसी क्रम में शाह ने अनुछेद 370(1) के अलावा अनुच्छेद 370 के सभी खंड को हटाने का संकल्प पेश किया | पर सरकार की राह इतनी आसान नहीं रही | अमित शाह के बिल पेश करने से पहले ही कांग्रेस के सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा की पहले कश्मीर के वर्तमान हालातों पर चर्चा होनी चाहिए | अमित शाह के बिल पेश करते ही राज्यसभा में विपक्षी दल के सांसदों ने जमकर हंगामा किया | हंगामा कुछ इस हद तक गया की पीडीपी के सांसदों ने तो सदन में संविधान को फाड़ने की जुर्रत तक कर दी | इसके बाद पीडीपी सांसदों पर करवाई करते हुए राज्यसभा सभापति नायडू ने पीडीपी के सांसदों को सदन से बहार भेज दिया यहाँ तक की नायडू ने सदन में मार्शल तक को बुलाने का आदेश दे दिया है |

बिल पेश करते समय शाह ने बयान दिया की संविधान में अनुच्छेद 370 अस्थायी था इसका मतलब कभी न कभी इसे हटाया जाना था और इसीलिए कश्मीर की अल्पसंख्यक जनता को आरक्षण का लाभ मिल सके इसीलिए हम इस आर्टिकल को ख़त्म करना चाहते है |

एक तरफ जहाँ भाजपा के सांसद इस बिल का स्वागत का रहे है वहीँ दूसरी तरफ विपक्षी सांसद जमकर इस बिल का विरोध कर रहे है | इस बात पर शाह ने कहा की इस बिल विरोध करने के बजाय अच्छा होगा की इस बिल से सम्मिलित आपके जो भी सवाल है आप पूछे मैं आपके सारे सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हूँ |