जिस भाषा में दुश्मन समझे उसी भाषा में मोदी जी देते हैं जवाब

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एक कहावत है न, जैसे को तैसा मतलब जो जिस तरह की भाषा समझता है, उसे उसी तरह से समझाना चाहिए और ये बात देश के प्रधान यानी पीएम मोदी जी बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। पुलगामा हमले के बाद एयर स्ट्राइक इसका जीता जागता सबूत है, तो लद्दाख में चीन सीमा विवाद के बाद तुरंत जिस तरह से पीएम ने सख्त रूख अख्तियार किया है। इससे भी पता चलता है कि भारत अब उसी भाषा में जवाब देता है, जिस भाषा में दूसरे को समझ में आता है।

एयर स्ट्राइक की वजह से डर गया आतंकी संगठन जैश

पुलवामा हमले के डेढ़ साल बाद एनआईए ने मंगलवार को साढ़े तेरह हजार पन्नें की चार्जशीट जम्मू की स्पेशल कोर्ट में फाइल की। जिसमें ये तो बताया गया है कि कैसे इस आतंकी घटना को अंजाम दिया गया था। लेकिन इसमें सबसे बड़ी बात ये बताई गई है कि आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने जैसा रूख अपनाया था, उससे आतंकी संगठन पूरी तरह से डर गया था। इसलिये उसने आगे के आतंकी हमले के प्लान खत्म करके सभी आतंकियों को छुप जाने का आदेश जारी किया था। इससे ये पता चलता है कि आतंकी अच्छी तरह से समझ गये थे कि अब भारत वो देश नही रहा जो सिर्फ विश्व समुदाय में आतंक का रोना रोएगा, बल्कि वो इसपर तुरंत और सख्त कार्यवाही करेगा। ये सोच आज भी आतंकी संगठनों के मन में है और आतंकी मोदी सरकार से डर रहे हैं। तभी तो 6 साल के भीतर देश में आतंकी घटना पूरी तरह से खत्म हो गई है और जो इस तरह की घटना को अंजाम देने की कोशिश करता है वो पकड़ा जाता है। उदाहरण के तौर पर अभी कुछ दिन पहले ही दिल्ली में पकड़े गये आतंकी से ये साफ हो गया है कि देश की सुरक्षा कर्मचारी बिलकुल सजग है।

जल्द और सख्त फैसले लेने वाली सरकार

बीते 6 साल से देश के भीतर मोदी सरकार जिस तरह से काम कर रही है उससे ये बात साबित हो गई है कि सरकार अब कोई भी फैसला लेने में देरी नही करती। फिर वो सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा हो या फिर विकास से जुड़ा मुद्दा तभी तो लद्दाख में चीन सीमा विवाद के तुरंत बाद सरकार ने चीन पर कठोर आर्थिक प्रतिबंध लगाकर ये साफ कर दिया कि भारत अब कमजोर नही बल्कि वो देश है जो हर तरह के राष्ट्रहित के लिए फैसले ले सकता है। इसका असर भी दिख रहा है। तभी चीन की लाख नराजगी के बाद भारत सीमा पर सड़क मार्ग बना रहा है और जंग से निपटने के लिए गोला बरूद भी बना रहा है तो गांव गांव विकास के बल्ब जला रहा है। आमनिर्भर भारत की नींव रखकर देश को आर्थिक तौर पर मजबूत कर रहा है। तभी कोरोना काल के बाद भी देश की GDP  आज विश्व के तमाम शक्तिशाली देशों को देखते हुए सबसे ज्यादा यानी 1.9 फीसदी है। इसका मतलब ये हुआ कि भारत का रास्ता बिलकुल ठीक है।

ऐसे में अगर हम ये बोले कि आजादी के बाद मोदी सरकार एक ऐसी सरकार है, जो न सिर्फ जल्द फैसले लेती है बल्कि सही और सख्त फैसले लेती है तो गलत न होगा और ये सब अगर हुआ है तो वो मोदी जी के नेतृत्व के चलते जो भारत माता को हमेशा बुलंदी तक पहुंचाने के सपने ही देखा करते हैं।


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