मोदी जी ऐसा कोई करता है क्या?

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कोरोना संकट के चलते पिछले 40 दिन से देश में लॉकडाउन चल रहा है, इस दौरान मोदी सरकार के कामकाज को लेकर कई तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं। इन सवालों को सुनो तो लगता यही है कि जैसे कुछ लोगों ने आंखों पर गांधारी की तरह पट्टी बांध रखी है तभी तो सरकार के काम उन्हें दिख नही रहे हैं और वो ऐसे सवाल कर रहे हैं।

कोरोना की दस्तक से पहले ही शुरू की स्क्रीनिंग

मोदी सरकार से लोग ये  पूछ रहे हैं कि आखिर देश में कोरोना की दस्तक कैसे हो गई इनका आरोप है कि सरकार की सुस्ती की वजह से ऐसा हुआ है, लेकिन इन लोगों को ये नही दिख रहा है कि जनवरी से ही सरकार ने कोरोना को रोकने के लिये कदम उटाने शुरू कर दिये थे। हवाई अड्डों पर चेकिंग का काम शुरू हो गया था इसके साथ-साथ अस्पतालों में कोरोना से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई थी। देश में मास्क, पीपीई किट की कमी न हो इसके लिये मेक इन इंडिया के जरिये उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जिसका नतीजा है कि आज 2 लाख पीपीई किट तैयार की जा रही है तो हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन दवा को समूचे विश्व में निर्यात किया जा रहा है। लेकिन ये कोई काम होता है, इससे कोई कोरोना संकट रोका जा सकता है ऐसे में जो सवाल पूछे जा रहे हैं वो कितने वाजिब हैं इसपर फैसला आपको करना है।

24*7 खुद मोदी ने संभाली कमान

इसी तरह जब देश में कोरोना की दस्तक हुई तो खुद पीएम ने कोरोना को रोकने के लिए कमान संभाली जिसके तहत उन्होंने देश के सभी राज्य के सीएम के साथ 4 बार बैठक की और कोरोना को रोकने के लिये सभी को मिलकर काम करने पर बल दिया इतना ही नही राज्यों को कई तरह की सुविधा भी प्रदान की तो राहत पैकेज का ऐलान भी किया लॉकडाउन, समाजिक दूरी बनाने की बात जनता के बीच आकर खुद हाथ जोड़कर की, लोगों से आवाहन किया कि वो घर पर ही रहें जिससे ये बीमारी नही फैले। इतना ही नही कोई संकट के वक्त में डॉक्टरों, नर्सो, या फिर पुलिस के जवानों से सीधे बात करके उनका हौंसला बढ़ाए तो सवाल तो बनता है सच में कुछ लोग बिलकुल ठीक कहते हैं कि मोदी जी को तो काम करना ही नही आता।

जान के साथसाथ जहान की हिफाजत

जब दुनिया के सब मुल्क केवल इस लिये लॉकडाउन अपने देश में नही लगा रहे थे कि इससे आर्थिक हालात खराब हो जाएंगे। उस वक्त मोदी जी ने देश में लॉकडाउन का फैसला करके कौन सा बड़ा अक्ल वाला फैसला कर दिया था इसपर तो सवाल बनता ही है। अरे पिछली सरकार से सबक लेते कोई भी संकट हो तुरंत फैसला लेती थी लेकिन मोदी जी तो संकट के इस दौर में देश के बड़े कारोबारियों ,फिल्मकारों, खिलाडियों और आम लोगों से बात करके सिर्फ समय ही तो खराब कर रहे थे वैसे ही अब वो प्रवासी भारतीयों को भारत लाने में समय खराब कर रहे हैं। वैसे मजदूरों को आर्थिक सहायता देना या उन्हें घर पहुंचाना भी कोई बड़ा काम नही है भला ऐसा कोई करता है क्या?

बहरहाल सवाल कोई कुछ भी करे लेकिन वो अच्छी तरह से जानता है कि उसका सवाल कितना लाजमी है, लेकिन इसके बाद भी वो यही बात सच करने में लगा है कि चित भी मेरी पट भी मेरी और अंटा मेरे बाप का…


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