मोदी सरकार की काम की रफ्तार: महज 8 साल में गरीबों को दिए 3 करोड़ मकान

साल 2014 सत्ता में आते ही पीएम मोदी ने एक संकल्प लिया था कि हर गरीब के सिर पर उसकी अपनी छत हो और इस सपने को मोदी सरकार बहुत देती के साथ पूरा करने में भी लगी है। जिसके चलते प्रधानमंत्री आवास योजना ने आज एक अहम पड़ाव तय कर लिया है। दरअसल सरकार ने आज देश के गरीबों को कुल तीन करोड़ से ज्यादा घरों का निर्माण कर पाने में सफल हो गई है। खुद पीएम मोदी ने इस पर ट्वीट करके खुशी भी जाहिर की है।

गरीबों के घर का सपना हुआ साकार

अगर पिछले 8 साल मोदी सरकार के कामकाज पर नजर डाले तो वो सपने सच होते दिख रहे है जिसके बारे में कबी किसी ने सोचा ना था उसी में से एक सपना था गरीबों के मकान का जो तेजी के साथ पूरा हो रहा है। तभी तो आज 3 करोड़ परिवार के पास अपनी खुद की छत हो पाई है। इन परिवारों के साथ देश की सरकार भी आज बहुत खुश है क्योकि वो अपना वादा निभा रही है। इस खुशी के मौके पर पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि देश के हर गरीब को पक्का मकान देने के संकल्प में हमने एक अहम पड़ाव तय कर लिया है। जन-जन की भागीदारी से ही तीन करोड़ से ज्यादा घरों का निर्माण संभव हो पाया है। मूलभूत सुविधाओं से युक्त ये घर आज महिला सशक्तिकरण का प्रतीक भी बन चुके हैं क्योकि देश की तीन करोड़ महिलाएं आज महान मालिक बन गई है।

ग्रामीण आवास योजना के तहत हो चुका है 2.52 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण

सरकार की माने तो ग्रामीण आवास योजना के तहत अब तक कुल 2.52 करोड़ के पक्के निर्माणों को पूरा किया जा चुका है। वहीं इन ग्रामीण मकानों के निर्माण में 1.95 लाख करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी की जा चुकी है। इतना ही नही  प्रत्येक लाभार्थी को प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत रसोई गैस में कनेक्शन की सुविधा दी गई है। वहीं प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत अब तक कुल 58 लाख मकानों का निर्माण हो चुका है जिसमें कुल 1.18 लाख रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की जा चुकी है। इस योजना की खासियत यह है कि इसमें घर की महिला सदस्य के नाम पर घर का संयुक्त स्वामित्व दिया गया है वहीं हर घर में शौचासय, रसोई, बिजली और पानी की सुविधा प्रदान की गई है।

दूसरी तरफ अगर आजादी से मोदी सरकार के पहले तक का आंकड़ा देखे तो लगभग 60 साल में इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत देश में करीब 3.26 आवास ही बनाये गये थे। ऐसे में मोदी सरकार के काम की रफ्तर तो साफ दिखती है और अपने वादे के प्रति उनका संकल्प पूरा करने की गलन भी।