GSP पर मोदी सरकार का ट्रम्प प्रशासन को करारा जवाब – मोहताज नहीं हम GSP के

 

Piyush_Goel

अभी हाल ही में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत को GSP लिस्ट से बाहर करने की घोषणा की थी| अमेरिकी सांसदों के विरोध के बावजूद ट्रम्प ने अपना इरादा नहीं बदला था| 5 जून 2019 से ये घोषणा लागू हुई थी| इसके बाद अब भारत को हर प्रकार के उत्पाद के अमेरिका में निर्यात पर कर देना पड़ेगा|

इस मसले पर भारत सरकार ने अपनी स्थिति साफ़ कर दी है| गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस मामले पर बात करते हुए कहा कि, “भारत एक ऐसा देश है जो अमेरिका के “जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रीफरेंसेज (GSP)” जैसे तरजीह आधारित व्यापार के लिए मोहताज नहीं है|”

गोयल ने भारत की आर्थिक प्रगति पर जोर देते हुए कहा कि, “भारत कोई अविकसित या पिछड़ी हुई अर्थव्यवस्था नहीं है, जिसे ऐसी छोटी मोटी तरजीह समाप्त होने से कोई व्यापक असर पड़ेगा| कई अन्य सहयोगी देश ऐसे हैं जिनके साथ सम्बन्धित क्षेत्रों में निर्यात को बढ़ावा देकर ऐसी- छोटी-मोटी समस्याओं से बचा जा सकता है|”

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्स्पोर्ट ऑर्गनाइजेशन के आंकड़ों के अनुसार, साल 2018 में भारत का अमेरिका को किया गया कुल निर्यात तकरीबन 51.4 अरब डॉलर का था, जिसमे से GSP के अंतर्गत किये गए निर्यात का योगदान सिर्फ 6.35 अरब डॉलर था| मतलब भारत द्वारा अमरीका को कुल निर्यात का सिर्फ 12.35% ही GSP का लाभ उठाते हुए किया गया था, ऐसे में भारतीय निर्यात पर GSP समाप्त होने के बाद कुछ ख़ास असर नहीं पड़ेगा|

उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में विश्व बैंक ने भारत को विश्व की सबसे तेज गति से बढती हुई अर्थव्यवस्था माना है और कहा कि आने वाले समय में भारत प्रगति दर के मामले में चीन से भी आगे निकल जायेगा| 2019 में भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा, ऐसी भी भविष्यवाणी की गयी है|

ऐसे में अमेरिका कब तक विश्व की एक बड़ी तेजी से बढती हुई अर्थव्यवस्था से रूठ कर रह सकता है, ये सोचनीय विषय है| हालाँकि वैश्विक मामलों के जानकार कह रहे हैं की इस से दोनों देशों के आपसी रिश्तों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है|