फेस्टिवल सीजन के आगाज से पहले सरकारी कर्मचारियों को मोदी सरकार की सौगात

कोरोना काल में आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार ने अपने मंत्रियों और सभी सांसदों के वेतन में कटौती का बिल संसद से पास जरूर किया हो लेकिन आने वाले फेस्टिवल सीजन में सरकारी कर्मचारियों के घर खुशियों की बहार आये इसके लिये सरकार ने दिल खोलकर ऐलान किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा की है। वित्त मंत्री ने कहा कि LTC वाउचर स्कीम में सरकारी कर्मचारी छुट्टियों के बदले वाउचर ले सकते हैं। इन वाउचर का इस्तेमाल सिर्फ ऐसे सामान खरीदने के लिए किया जा सकता है जिनपर GST लगता है।

क्या-क्या मिलेंगे कर्मचारियों को?

वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि LTC कैश वाउचर स्कीम के तहत, सरकारी कर्मचारी छुट्टियों के लिए नकद राशि का विकल्प चुन सकते हैं। उन्होंने कहा कि मांग को प्रोत्साहन के लिए खर्च के लिए अग्रिम में राशि दी जाएगी और विशेष त्योहार अग्रिम योजना शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि हर चार साल में सरकार अपने कर्मचारियों को उनकी पसंद के किसी गंतव्य की यात्रा के लिए एलटीसी देती है। इसके अलावा एक एलटीसी उन्हें उनके गृह राज्य की यात्रा के लिए दिया जाता है।

 

कर्मचारियों पर सरकार क्यों बरसा रही है तोहफे

माना जा रहा है कि सरकार की कर्मचारियों के लिए इस स्कीम का फायदा बाजार को मिलेगा। इससे 31 मार्च 2021 तक 36,000 करोड़ रुपये तक के कंज्यूमर डिमांड आ सकती है। इस स्कीम का फायदा केंद्र के कर्मचारियों के साथ-साथ राज्य सरकारों और पब्लिक सेक्टर की कंपनियों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि इस तरह के संकेत हैं कि सरकारी और संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों ने सेविंग्स बढ़ाई है। लेकिन हम ऐसे लोगों से मांग में वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं ताकि नुकसान वाले क्षेत्र को भी लाभ मिले।इस कदम से पर सरकार का खर्च 5,675 करोड़ रुपये होगा। इसके अलावा सार्वजनिक उपक्रमों और बैंकों को 1,900 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

कर्मचारियों को मिलेगा, 10 हजार फेस्टिवल एडवांस

केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम की घोषणा की है। इसके तहत सभी कर्मचारियों को 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसे 31 मार्च 2021 तक खर्च करना होगा। यह इंट्रेस्ट फ्री एडवांस है। इसे 10 किस्तों में वापस किया जा सकता है। सरकारी कर्मचारियों को प्रीपेड रुपे कार्ड के रूप में यह लोन दिया जाएगा। सरकार का कयास है कि इस कदम से बाजार में नगदी एक बार फिर से आयेगी जिससे आर्थिक मोर्चे पर कमजोर हो रहे कई सेक्टर में फिर से बूम देखा जा सकता है।

मोदी सरकार लगातार इस कोशिश में है कि देश की आर्थिक हालात अब कोरोना काल में ही आगे बढ़ती जाये इसके लिये एक ओर आत्मनिर्भर योजना के तहत लोन देकर देश के कारखानों की रफ्तार बढ़ाई गई है तो दूसरी तरफ इस कदम से बाजार में रौनक लाने का प्रयास किया जा रहा है

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