मोदी सरकार के ई-मार्केटप्लेस (GeM) से सार्वजनिक खरीद में आई क्रांति

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Modi government's e-marketplace (GeM) revolutionized public procurement

GeM गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस एक ऑनलाइन मार्केट प्लेस है, जहां अधिकृत सेलर्स रजिस्टर कर सकते हैं। GeM के जरिये फिलहाल सिर्फ केंद्र या राज्य सरकार गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस से ऑनलाइन शॉपिंग सरकारी ज़रूरतों के लिए कर सकती है।इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तकनीकी राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग की तकनीकी मदद से उत्पादों और सेवाओं, दोनों की खरीदारी के लिए जीईएम पोर्टल विकसित किया है। इस पोर्टल का शुभारंभ वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री द्वारा 9 अगस्त, 2016 को किया गया था।

सरकारी ई- मार्केटप्लेस GeM के जरिए केंद्र और राज्यों के सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों की ओर से खरीदारी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार GeM के जरिए कुल लेन-देन 37,435 करोड़ रुपये के पार हो गई है। GeM के जरिए 26.79 लाख वस्तुओं की खरीद का ऑर्डर हुआ। 2016 में शुरू हुए ई- मार्केटप्लेस GeM पर करीब 40,194 सरकारी संस्थाएं, विभाग और सार्वजनिक उपक्रम बॉयर के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जबकि सरकारी ई- मार्केटप्लेस पर 14.66 लाख उत्पाद उपलब्ध हैं। GeM पर 2.97 लाख से अधिक विक्रेता और सेवा प्रदाता हैं।

प्रमुख बातें :

# GeM पर कुल ऑर्डर वैल्यू 37,435 करोड़ रुपये के पार
# GeM के जरिए 26.79 लाख वस्तुओं के ऑर्डर हो चुके हैं
# GeM पर 40,194 कुल खरीददारों का रजिस्ट्रेशन है
# 2.97 लाख से ज्यादा विक्रेताओं का भी रजिस्ट्रेशन हैं
# 14.66 लाख से ज्यादा प्रोडक्ट्स GeM पर मौजूद हैं

GeM विभिन्न सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के उपयोग में आने वाली वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए ऑनलाइन सुविधा प्रदान करता है जिसका मकसद सरकारी खरीद में पारदर्शिता लाना और उसकी दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ खरीद में तेजी लाना है।

केंद्र सरकार ने छोटे कारोबार को बढ़ावा देने और सरकारी कंपनियों के लिए स्टार्टअप से 25 फीसदी सामान अनिवार्य रूप से खरीदने के उद्देश्य से सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) शुरू किया है। इससे सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (एमएसई) वाले व्यापारियों को बड़ा फायदा हो रहा है। इस सरकारी ई- मार्केटप्लेस पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद इन कारोबारियों को घर बैठे खरीदार मिलने लगे हैं। यदि आप भी अपना व्यापार कर रहे हैं तो इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराकर घर बैठे खरीदार पा सकते हैं।

विक्रेता को पेमेंट आसान बनाने के लिए GeM का अब तक 7 सरकारी बैंक के साथ करार हो चुका है जबकि जल्द ही 6 और बैंक के साथ करार होने वाला है।

वित्त वर्ष 2018-19 में GeM पर ट्रांजैक्शन वैल्यू में तीन गुना ग्रोथ दर्ज की गई थी। 2018-19 में कुल 17,327 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ है, जो 2017-18 5884.7 करोड़ ही था। 2018-19 में 13,12,240 ट्रांजैक्शन हुए, जो उसके पिछले साल 3,72,528 था। GeM पूरी तरह से कागज रहित, कैशलेस और प्रणाली संचालित ई-मार्केटप्लेस है जो न्यूनतम मानव इंटरफेस के साथ आम उपयोग की वस्तुओं और सेवाओं की खरीदारी में सक्षम बनाता है।

प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ता हुआ बाज़ार बना

Modi government's e-marketplace

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की कई पहलें भारतीय ई-कॉमर्स उद्योग के विकास के लिए एक उत्साह प्रदान कर रही हैं। भारतीय ई-कॉमर्स एक constant rate से बढ़ रहा है और दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता ऑनलाइन व्यापार उद्योग है, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहल भी ऑनलाइन व्यापार, की वृद्धि में योगदान दे रही हैं। CARE रेटिंग ने एक रिपोर्ट में कहा। ASSOCHAM- फॉरेस्टर अध्ययन पत्र के साथ-साथ रिटेल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) के अनुसार, ई-कॉमर्स उद्योग में 51% की वार्षिक वृद्धि दर देखी गई है, जो पूरी दुनिया में सबसे अधिक है, और 2018 में $ 24 बिलियन से 2026 तक $ 200 बिलियन छूने की उम्मीद है; यानी आठ वर्षों में आठ गुना से अधिक की वृद्धि।

भारतीय ई-कॉमर्स देश में अच्छी इंटरनेट पैठ, देश में इंटरनेट की बढ़ती गुणवत्ता, मोबिलिटी प्लेटफॉर्म पर भुगतान और कंप्यूटिंग में उन्नति, उपभोक्ता व्यवहार और खरीदारी के पैटर्न को बदलने और ई प्लेटफॉर्म पर कम दरों पर उत्पादों की उपलब्धता के कारण भी फल-फूल रहा है। केयर रेटिंग्स ने कहा की “ई-कॉमर्स शायद खुदरा उद्योग में सबसे बड़ी क्रांति पैदा कर रहा है, और आने वाले वर्षों में यह प्रवृत्ति जारी रहेगी” ।

 


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