मोदी सरकार के प्लास्टिक बैन के फैसले से जूट इंडस्ट्री को मिला बूस्ट

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jute-bag

दुनियाभर में पर्यावरण को प्लास्टिक से होने वाले समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कई तरह के रास्ते खोजे जा रहे हैं। भारत में भी सरकार ने सिंगल प्लास्टिक यूज पर बैन लगा दिया है। जिससे प्लास्टिक के विकल्पों जैसे जूट से बने थैले की मांग में भारी तेजी आई है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने भाषण में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को बंद करने की अपील की थी। और उसके बाद भी कई सारे मंचों से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत देश को प्लास्टिक मुक्त राष्ट्र बनाने के लिए आह्वान किया था। पीएम मोदी की सिंगल यूज प्लास्टिक से देश को फ्री करने की अपील अब तेजी से रंग ला रही है। सिंगल यूज प्लास्टिक के बैन होने पर जूट के थैलों की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है।

Jute Industry

इसका सीधा फायदा जूट (Jute Industry) को मिल रहा है। जूट मिलों की डिमांड बढ़ गई है साथ ही जूट मीलों को भी बड़ी मात्रा में ऑर्डर मिल रहे हैं। आलम ये है कि जूट बैग बनाने वाली यूनिट्स को सरकार से अपील करनी पड़ी है कि जूट बैग के और ऑर्डर न दें।

खबर के मुताबिक, बिरला कॉरपोरेशन की यूनिट बिरला जूट मिल्स 20 लाख जूट थैलों का ऑर्डर पूरा करने के लिए अपनी क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है। बिरला जूट मिल्स के असिसटेंट वाइस प्रेसिडेंट आदित्य शर्मा ने बताया, ‘हमने पिछले साल यह यूनिट शुरू की है और हमारी क्षमता महीने में 1,50,000 बैग बनाने की है। दो महीने के अंदर हम नए स्थान पर इतनी ही क्षमता वाली एक और यूनिट शुरू करने जा रहे हैं।’ बिरला जूट मिल्स के पास पहले से काम का इतना दबाव हो गया है कि उसने सरकार से कहा है कि और ऑर्डर न दें।

भारतीय जूट मिल्स असोसिएशन के पूर्व चेयरमैन और जूट मिल के मालिक संजय कजारिया ने बताया कि जूट बैग्स की बढ़ती डिमांड के चलते कुल जूट उत्पादन क्षमता में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की जा रही है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन जूट की मांग बढ़ने के पीछे सबसे बड़े कारणों में शामिल है। जूट बैग मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ शौपिंग बैग्स की बढती मांग भी प्रमुख वज़हों में शामिल है। 2013-14 में जूट बैग्स का निर्यात 3 करोड़ से बढ़कर 2019 में 5.6 करोड़ रुपया हो गया है। कोलकाता आधारित सारदा ग्रुप के मालिक घनश्याम सारदा ने बताया कि सिर्फ विदेश में ही नहीं, बल्कि घरेलू तौर पर भी रिटेलर्स और दुकानदार जूट बैगों की तरफ मुड़ रहे हैं। कस्टमर्स भी रियूजेबल बैग्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

 


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