मोदी सरकार का बजट भारत का नया भाग्य बनाने वाला है, लेकिन कैसे?

मोदी सरकार ने अपना अंतिम बजट पेश कर दिया है वैसे विपक्ष इसे चुनावी बजट कह कर मोदी सरकार पर हमला बोल रहा है लेकिन बजट को अगर अच्छी तरह से समझे या इसका विशलेषण करे तो पता चलता है कि ये बजट भारत का नया भाग्य बनाने वाला बजट है।

सबका साथ सबका विकास के नारे के साथ आई मोदी सरकार के कामकाज पर नजर डाले तो ये साफ हो जाता है कि मोदी सरकार ने सभी वर्ग के उत्थान के लिए काम किया है। इसका जीता जागता सबूत इस बार के बजट मे झलकता है। जिसमे हर वर्ग को राहत दी गई है।

 

किसानों के जीवन में आयेगी खुशहाली – पिछले चार वर्षों के बजट पर गौर करे तो हर बजट मे किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कदम उटाये गये है। जैसा कि सरकार ने शुरूआत मे ही कहा था कि उसका लक्ष्य है कि वो 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करेगी। उसके लिये पहली कैबिनेट से ही कदम उठाये गये है। जैसे 22 फसलों की न्यूनतम आय मे बढ़ोत्तरी की गई. तो यूरिया किसानों को आराम से मिल सके इसके लिये विशेष प्रबंधन भी किये गये। साथ ही साथ फसल बीमा योजना के तहत किसानो को मौसम की मार से बचाने की कोशिश मे भी सरकार सफल रही है। प्रधानमंत्री सम्मान निधि  योजना के चलते सरकर ने दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों को साल में 6,000 रुपये का नकद समर्थन देने की बात कही है। जिससे करीब 12 करोड़ किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। इतना ही नही किसान अगर किसानी के लिये कोई उपकरण खरीदते है तो उन्हे बैंक से लोन भी आसानी से मिले साथ ही साथ ब्याज भी कम लगे इसकी भी व्यवस्था की गई है। इससे पहले किसानों की उपज और बढ़ाने के लिये और ठीक दाम मे फसल बेचने के लिये सरकार ने कई कदम उटाये है जैसे गाँव मे मंडी खुलवाई है तो खेत की मिट्टी की सटीक जानकारी के लिए वैज्ञानिकों से परामर्श दिलाने की व्यवस्था की जा चुकी है। मतलब साफ है कि सरकार के इन कदमो से जरूर आने वाले दिनो मे अन्नदाता का भाग्य भी बदलेगा और देश का भी।

 

मध्यम वर्ग के विकास के लिए उठाये कदम– सरकार ने जिस तरह से किसानों के विकास के लिये कदम उठाये है वैसे ही देश मे रह रहे मध्यम वर्ग के लोगो के जीवन बेहतर करने के लिये भी ठोस कदम उठाये है। जिसकी झलक अब दिखने भी लगी है। मंहगाई को थाम कर जहाँ सरकार ने आम लोगों की बचत को बढ़ाया है तो वही अब आयकर मे 5 लाख रूपये तक टैक्स से मुक्त करके और मजबूत किया है।वही यदि आपने कर छूट वाली विभिन्न योजनाओं में निवेश किया है तो 6.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं देना होगा। इसके अलावा यदि होमलोन लिया गया है तो उसके दो लाख रुपये तक के ब्याज भुगतान पर भी कर छूट उपलब्ध होगी. पेंशन योजना एनपीएस पर पचास हजार रुपये की अतिरिक्त कर छूट है.’ बजट में मानक कटौती को 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है। अचल संपत्ति की बिक्री से मिलने वाले दो करोड़ रुपये तक के पूंजीगत लाभ को अब दो आवासीय संपत्तियों में निवेश करने पर कर में छूट का प्रावधान करने का प्रस्ताव किया है. अब तक यह छूट एक सम्पत्ति के लिए मिलती है. अब तक ऐसे पूंजीगत लाभ को एक साल के भीतर एक ही आवास में निवेश करने की सुविधा थी. हालांकि, उन्होंने कहा कि इस छूट का लाभ जीवन में एक बार के लिए है।

इतना ही नही साल 2014 से पहले मध्यम वर्ग के लोग घर खरीदने का सपना देखते थे आज उन लोगों के सपने को हकीकत मे भी बदला है। मकान खरीदने के लिये बैंक से लोन पर 6 लाख तक सब्सीडी इसका जीता जागता सबूत है।  मध्यम वर्ग की छोटी बचत पर भी ध्यान रखा गया है तभी तो  कुछ महीने फिक्स डीपॉजिट पर व्याज बढ़ाया था तो अब कों और डाकघर में जमा पर मिलने वाले ब्याज पर अब 10,000 रुपये के बजाय 40,000 रुपये तक के ब्याज पर छूट उपलब्ध होगी. इसके साथ ही अब किराये से होने वाली 2.40 लाख रुपये तक की आय पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) नहीं होगी. पहले यह सीमा 1.80 लाख रुपये तक थी।  सरकार के इन कदम से जरूर मध्यम वर्ग के जीवन स्तर मे सुधार देखने को मिलेगा।

कामगारों का भी रखा ध्यान -असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए मेगा पेंशन योजना की घोषणा की है. इन तीन क्षेत्रों के लिए कुल मिला कर करीब सवा लाख करोड़ रुपये के बजट प्रावधान किए गए हैं जिसके जरिए लगभग 25 करोड़ लोगों को सीधा लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके साथ साथ बोनस मे भी इजाफा किया गया है. अब 21 हजार तक की आय वालो को बोनस दिया जायेगा। साथ ही साथ युवाओं को रोजगार दिलाने के लिये भी सरकार की तरफ से मुद्रालोन, स्टार्टअप योजना को और मजबूत करने की बात इस बजट मे है।

गाँव गाँव हाइटेक बनाने का रखा लक्ष्य– इस बजट मे शहर के साथ साथ गाँवों को भी हाइटेक बनाने की बात कही है। वैसे मोदी सरकार ने पहले ही हर गाँव तक बिजली पहुंचाकर आज उसे समूचे विश्व से जोड दिया है तो सड़को के जाल तैयार करके गाँव मे रहने वालो को सम्मान की जिंदगी दी है। लेकिन आने वाले समय मे देश के गाँव शहर से कम न हो इसके लिए 1 लाख गाँवों को डिजिटल गाँव बनाने का प्रस्ताव रखा है। वैसे मोदी सरकार के आने के बाद से ही देश मे गाँव गाँव तक इंटरनेट का जाल बिछाया गया है।

महिलाओं को और मजबूत करेगा बजट-मोदी सरकार ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है. सरकार ने स्वच्छ ईंधन मुहैया कराने के लिए उज्जवला योजना के तहत 8 करोड़ एलपीजी कनेक्शन का लक्ष्य रखा है. इसमें से 6 करोड़ कनेक्शन दिए जा चुके हैं. गर्भवती महिलाओं के लिए मातृवंदना योजना लागू की गई। वही पहले ही गर्ववती महिला को 6 महीने का अवकाश देने की व्यवस्था मोदी सरकार ने की थी।

मतलब साफ है तो विरोधी इस बजट को चुनावी बजट कह रहे है वो सरकार के पिछले बजट पर भी ध्यान दे हर बजट मे सरकार ने देश के सभी वर्गों को खास ख्याल रखा था जैसा इस बजट मे भी देखने को मिला है. हाँ ये जरूर है जिस तरह पीएम मोदी ने कहा था कि ये बजट सिर्फ एक टेलर है नई सरकार आने के बाद न्यू इडिया की पूरी फिल्म तैयार की जायेगी जिससे 2030 तक भारत सच मे विश्व मे अपनी छाप छोड़ सकें और भारत भाग्य विधाता बन सकें।