मोदी सरकार का ऐलान मार्च तक मिलता रहेगा गरीबों को मुफ्त अनाज

कोरोना काल के दौरान मोदी सरकार ने एक प्रण लिया था कि देश के गरीब का पेट अन्न से भूखा नहीं रहेगा। इसके लिये मोदी सरकार ने पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना की शुरूआत की थी जिसके तहत 5 किलों अनाज फ्री में गरीबों को दिया जाता है। ये योजना 30 नवबंर को खत्म होने वाली थी लेकिन देश की अर्थव्यवस्था में रिकवरी के बीच एक बार इसे फिर से 31 मार्च 2022 तक के लिये बढ़ा दिया है।

80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत, सरकार नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट यानी NFSA के तहत पहचान किए गए 80 करोड़ राशन कार्डधारकों को मुफ्त राशन दिया जाता है। राशन कार्डधारकों को राशन की दुकानों के जरिए उनको मिलने वाली सब्सिडी वाले अनाज के अलावा गरीब अन्न योजना का राशन दिया जाता है। जिसके तहत प्रति व्यक्ति 2 किलो गेहूं, 2 किलो चावल और एक किलो दाल दी जाती है। सरकार के एक बार फिर से इसके विस्तारीकरण से करीब 2 लाख 60 हजार करोड़ रूपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि सरकार का मानना है कि ऐसा करने से उन लोगों को राहत मिलेगी जो पहले कहीं दूसरी जगह रोजगार करते थे और कोरोना के दौरान लौट के घर आये है। इससे उन्हे मजबूत होने में मदद मिलेगी।

योजना का चार बार हो चुका है विस्तारीकरण

पिछले साल कोरोना काल के दौरान इस योजना को मार्च 2020 में शुरू किया गया था जिसे पहले जून 2020 तक लागू किया गया था लेकिन इसके बाद इसे नवंबर 2020 यानी छठ पूजा के बाद तक लागू किया गया था। हालंकि इसके बाद कोरोना की दूसरी लहर आने पर इसे फिर से जून 2021 तक लागू किया गया, जिसे बाद में नवंबर 2021 तक बढ़ा दिया गया था। अब एक बार फिर इस योजना को मार्च 2022 तक बढ़ाया गया है जिससे देश के गरीबों को राशन को लेकर किसी तरह की दिक्कत ना हो।

सरकार की कोशिश यही रही है कि कोरोना के बाद जब देश तेजी से दौड़ने की शुरूआत कर चुका है तो इसमे गरीब लोग भी शामिल हो सके जिससे देश का विकास और तेजी से हो इसका ध्यान रखते हुए ही सरकार लगातार फैसले कर रही है।

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