मोदी सरकार जल्द ही देगी सेना को ये सौगात

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देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने और भारतीय सेना को अत्याधुनिक बनाने के लिए मोदी सरकार जल्दी ही सेना को कुछ अहम् सौगात देने जा रही है| ये सौगातें भारतीय सेना को दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों की पंक्ति में आगे खड़ा करेगी|

आईये जानते हैं सेना को क्या महत्वपूर्ण सौगात देने की तैयारी में है मोदी सरकार

राफेल लड़ाकू विमान

देश की सियासत को गर्म करने वाले मुद्दों में से एक राफेल लड़ाकू विमान जल्दी ही भारत को मिलने वाली है| भारत सरकार पहले ही डील के आधी रकम का भुगतान कर चुकी है| 2016 में हुए करार के मुताबिक भारत कुल 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीद रहा है| तय समय सीमा के मुताबिक भारत को राफेल विमानों की पहली खेप इस साल के सितम्बर तक मिलने के आसार हैं| 2022 तक सभी 36 विमानों के डिलीवरी की उम्मीद है|

उल्लेखनीय है की राफेल दुनिया के सर्वोत्तम लड़ाकू विमानों में से एक है| हवा से हवा में मार करने वाले अचूक METEOR मिसाइल से लैश राफेल एक बेहतरीन लड़ाकू विमान है| इसके आने से भारतीय वायु सेना की मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी| उल्लेखनीय है की पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन के खिलाफ हुए ऑपरेशन में भी चिनूक का इस्तेमाल किया गया था|

S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम

रूस द्वारा निर्मित S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम दुनिया के सबसे आधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम में से एक है| अमेरिका की तल्खी के वावजूद भारत ने अपने करार को कायम रखा|

एक साथ 36 मिसाइल को मार गिराने में सक्षम S-400, 600 किलोमीटर की दूरी तक बॉम्बर्स, जेट्स, स्पाई प्लेन्स, मिसाइल और ड्रोन्स के अटैक के पहचान करके उन्हें विफल कर सकेगा| इसके भारतीय सेना में शामिल होने से भारतीय सेना अपनी ओर आने वाले आकस्मिक हमलों से सफलतापूर्वक देश का बचाव कर सकेगी|

ख़तरनाक अपाचे हेलीकाप्टर और अत्याधुनिक चिनूक हेलीकाप्टर

साल 2015 में भारत ने 22 अपाचे और 15 चिनूक हेलीकाप्टर खरीदने के लिए अमेरिका से करार किया था| और इस साल के अंत तक सभी हेलीकाप्टर भारतीय सेना के हवाले कर दिए जायेंगे| मई 2019 में ही अपाचे गार्डियन हेलीकाप्टर की पहली खेप भारत को मिल चुकी है|

कम ऊंचाई पर उड़ने वाले अपाचे हेलीकाप्टर भारत के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के कॉम्बैट ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम हैं| भारतीय वायुसेना की जरूरतों के हिसाब से ये हेलीकाप्टर एकदम सटीक है और वायुसेना की क्षमता को बढ़ाने में सक्षम भी|

इसी साल चिनूक की पहली खेप भी भारत को सौंपी गयी| विकट मौसम की परिस्थिति में भी 20,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम चिनूक दुर्गम और ज्यादा ऊंचाई वाले स्थानों में सेना के जवानों, गोला बारूद और अन्य भारी सामान को आसानी से ले जाने में सक्षम है|

असाल्ट राइफल्स

फरवरी 2019 में भारत ने अमेरिका के साथ 72000 अत्याधुनिक असाल्ट राइफल खरीदने का फ़ास्ट ट्रैक करार किया था| जल्द ही ये राइफल्स भारतीय सेना को मिलने की उम्मीद है| लम्बे समय से भारतीय सेना को असाल्ट राइफल्स की जरुरत थी|

मोदी 2.0 के गठन के बाद से ही भारत सरकार के सभी मंत्रालयों के काम-काज में वापस तेजी आ गयी है| देश की सामरिक जरूरतें और सेना का आधुनिकीकरण मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में शुरू से रहा है| इस बार रक्षा मंत्रालय का कार्यभार तेज-तर्रार राजनाथ सिंह को दिया गया|