छोटे शहरों मे मेट्रो का वादा जल्द पूरा करेगी मोदी सरकार

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'Metrolite' for Smaller Cities | representational image

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि छोटे शहरों में लोगो की ज़रूरतों को देखते हुए वो मेट्रो ट्रेन की सुविधा का विस्तार कम से कम 50 शहरों में करेंगे| अब तक सरकार अपने घोषणापत्र के कई वादों को पूरा कर चुकी है, और अब मेट्रो ट्रेन को लेकर किये हुए वादे के तरफ कदम बढ़ाते हुए छोटे शहरों में ‘मेट्रोलाइट’ यानि छोटी मेट्रो चलाने की तैयारी कर रही है|

‘मेट्रोलाइट’ के लिए सरकार ने जारी किया मानक

सरकार के मुताबिक अभी मेट्रो रेल की जिस प्रणाली पर काम किया जा रहा है वो ज्यादा यात्रियों के क्षमता वाली है और बड़े शहरों के लिए उपयुक्त है| सरकार ने छोटी मेट्रो का मानक जारी करते हुए कहा कि इस का काम भी जल्द शुरू किया जायेगा| आम मेट्रो से ‘मेट्रोलाइट’ की लागत कम है और ये मेट्रो की फीडर प्रणाली के तौर पर भी काम कर सकती है|

ज़मीन के साथ-साथ खम्बे पर भी चलेगी ‘मेट्रोलाइट’

तीन कोच वाली इस ट्रेन की गति लगभग 25 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और सरकार इस ट्रेन को उन शहरों में चलाएगी जहाँ पर यात्रियों की संख्या कम है| इस ट्रेन की सबसे खास बात ये है कि यह ट्रेन ज़मीन पर चलने के साथ-साथ खम्बे पर भी चल सकेगी| ट्रेन के खंभों के निर्माण के लिए सड़क के बीचों बीच मात्र 2.2 मीटर जगह की ही जरूरत होगी|

छोटी मेट्रो के लिए एक अलग रास्ता तैयार किया जाना है जिसमे जरूरत के हिसाब से रास्ते के दोनों ओर बाड़ भी लगाई जाएगी, जिससे सड़क पर पहले से चल रहे यातायात की रफ़्तार प्रभावित न हो सके|

300 लोग कर सकेंगे एक साथ ‘मेट्रोलाइट’ का सफ़र

स्टेनलस स्टील या फिर एल्यूमिनियम से बने छोटी मेट्रो में पुरे 3 कोच होंगे जिनमे 300 यात्री एक साथ सफ़र करेंगे| छोटी मेट्रो के लिए तैयार किया जाने वाला प्लेटफार्म ऊपर से शेड युक्त होगा हालाँकि आम मेट्रो की तरह मेट्रोलाइट ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम, प्लेटफार्म स्क्रीन डोर, एक्स-रे, और बैगज स्कैनर नहीं होंगे पर टिकट निरीक्षक या नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड को मेट्रोलाइट के अंदर स्थापित करने पर सरकार विचार कर रही है|

 


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