मोदी सरकार का संसद के आगामी सत्र में किसानों पर होगा ध्यान

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Modi Government will focus on farmers in the upcoming session of Parliament

मोदी सरकार लोकसभा के आगामी सत्र में कृषि और किसानों से संबंधित दो महत्वपूर्ण बिल पेश करने जा रही है। इनमें से एक बीज विधेयक और दूसरा कीटनाशक प्रबंधन विधेयक है। ये दोनों ही विधेयक किसानों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं।

भारतीय कृषक समाज के अध्यक्ष कृष्णबीर चौधरी ने किसानों का पक्ष रखा और बताया कि किसानों का मांग है कि उन्हें इस तरह के बीज उपलब्ध कराए जाएं, जो कि मौसम के बदलते प्रभाव और कम से कम पानी की उपलब्धता में भी बेहतर फसल दे सके। वहीं, नकली बीज बाजार में आने से भी किसान परेशान है। हालाँकि, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने किसानों को आष्वस्त किया कि कानून कोई भी बने, लेकिन उसमें किसानों के हित का ही ख्याल रखा जाएगा।

fertilizer

मौसम के बदलते प्रभाव में किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में शोध के साथ ऐसे बीज अगर लाये जाए, जो मौसम के कुप्रभावों को झेलते हुए भी बेहतर उत्पाद दे सके तो किसानों की बड़ी समस्या सुलझ सकती है। इसके लिये बहुत जरूरी है कि कीटनाशक का इस्तेमाल भी समझदारी के साथ किया जाए। भारतीय कृषक समाज के अध्यक्ष कृष्णबीर चौधरी ने बताया कि ये एक मिथक है कि अगर किसान कम से कम कीटनाशक और खाद का इस्तेमाल करेगा तो उत्पादकता कम हो जाएगी। ऐसी बातें वो लोग फैला रहे हैं जिन्हें अपनी दुकानें बंद होने का खतरा दिख रहा है और जिन्हें पर्यावरण का बिल्कुल खयाल नहीं है।

Seeds Bill 2019

इस समस्या से निपटने के लिए मोदी सरकार संसद के शीत सत्र में बीज विधेयक 2019 लाएगी। इस विधेयक में किसानों को नकली और खराब बीज बेचने वाली कंपनियों पर पांच लाख तक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। वर्तमान में न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 5000 रुपये वसूला जाता है। कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश में बिक रहे कई तरह की फसलों के बीज संस्थानों द्वारा प्रमाणित नहीं हैं। बाजार में बिकने वाले बीज में से 45 फीसदी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्रमाणित होते हैं जबकि 55 फीसदी बीज निजी कंपनियां बेचती हैं। जुर्माना कम होने से खराब बीजों की बिक्री धड़ल्ले से होती है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार नया बीज विधेयक लाने पर विचार कर रही है। यह विधेयक पांच दशक पुराने बीज अधिनियम 1966 की जगह लेगा। नए विधेयक में सरकार सभी बीजों के लिए समान प्रमाणन की व्यवस्था करेगी।

इससे पहले, कृषि राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने मंगलवार को कहा था कि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश होने वाले बीज एवं कीटनाशक विधेयक में सरकार किसान हितों को पूरी तरह से संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। देश की खाद्य सुरक्षा उत्तम किस्म के बीज पर ही निर्भर है। उन्होंने कहा कि बीज और कीटनाशक से संबंधित विधेयक में किसानों को फर्जी बीज और कीटनाशक बेचने और उसकी फसल बर्बाद होने की स्थिति से बचाने के लिए किसानों को मुआवजा देने का प्रावधान भी किया जायेगा।

देखने वाली बात होगी कि मोदी सरकार इन बिलों में किसानों और कंपनियों के हित का खयाल कैसे रखती है।

 


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