मोदी सरकार ने पेश की मानवता की मिसाल, चीन में फंसे अपने ही नहीं अपने पड़ोसी देशों के 7 छात्रों को सुरक्षित निकाला

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चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में फैल रहा है। दुनिया के लिए संकट बनकर उभरी इस महामारी में भारत के भी कई नागरिक चीन में फंस गए हैं। इसी बीच भारत सरकार चीन में फंसे भारतीयों के लिए देवदूत बनकर सामने आई हैं। भारत सरकार ने अपने नागरिकों के साथ-साथ अपने पडोसी देश मालदीव के भी 7 लोगो को वहां से निकाला और भारत ने मानवता की मिसाल पेश की।

चीन के वुहान प्रांत में कोरोना वायरस के चलते वहां फंसे भारतीयों को भारत वापस लाने वाली एयर इंडिया की दूसरी फ्लाइट रविवार को दिल्ली पहुंची। इस स्पेशल फ्लाइट में 323 भारतीय नागरिक सवार थे। इसके साथ ही मालदीव के 7 लोगों को भी इसी विमान से वापस लाया गया।

चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिसरी ने बताया गया कि वुहान से 03.10 बजे रवाना हुई। यह स्पेशल फ्लाइट रविवार 9.40 बजे दिल्ली पहुंची। इस स्पेशल फ्लाइट में 323 भारतीय नागरिक सहित कुल 330 लोग सवार थे। इसमें मालदीव के 7 लोगों को भी इसी विमान से वापस लाया गया।

बता दें कि अब तक वहां से 654 लोगों को भारत लाया जा चुका है। एअर इंडिया ने अब तक नई दिल्ली से वुहान के लिए दो बार उड़ान भरी है।

राष्ट्रपति सोलिह ने पीएम मोदी का जताया आभार

मालदीव के नागरिकों को भी वुहान से भारत लाए जाने पर मालदीव ने भारत का आभार जताया है। मालदीव के नागरिकों को भी वुहान से भारत लाए जाने पर मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने ट्वीट कर पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर का आभार जताया। इसके अलावा मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने कहा कि ‘वुहान (चीन) में 7 मालदीव एअर इंडिया की विशेष उड़ान पर दिल्ली पहुंचे। उन्हें दिल्ली में ही इलाज के लिए एक निश्चित अवधि तक रखा जाएगा। इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर का आभार प्रकट करता हूं।’

आईटीबीपी के विशेष केंद्र में रखा गया

विमान 211 छात्र, 110 नौकरी पेशा और तीन नाबालिगों को लेकर सुबह 7.30 बजे दिल्ली पहुंचा। इसमें से 104 लोगों को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के छावला इलाके में आईटीबीपी के विशेष सुविधा केंद्र में रखा गया है। आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडेय ने बताया कि यहां आए कुल 324 लोगों में से 88 महिलाएं, 10 पुरुष और छह बच्चे शामिल हैं।

सरकार है अलर्ट

इसके पहले सरकार ने दिल्ली समेत देश के सात हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की ताकि अगर चीन या हांगकांग से लौटे किसी शख़्स में संक्रमण के असर दिखते हैं तो उसकी तुरंत जांच कराई जा सके।

मोदी सरकार ने चीन से लौट रहे लोगों के लिए ट्रेवल एडवाइजरी भी जारी की है। एडवाइजरी के मुताबिक चीन से लौटने पर 14 दिनों तक-

• घर में अलग थलग रहें।
• अलग कमरे में रहें।
• केवल परिवार से सम्पर्क में रहे।
• बाहर आने जाने वालों से सम्पर्क न करें।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने अपनी दैनिक रिपोर्ट में बताया कि चीन में फैले घातक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 316 हो गई और 14,380 लोगों के इस विषाणु से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। आयोग ने बताया कि कुल 2,110 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है और कुल 19,544 लोगों के इस वायरस से संक्रमित होने का संदेह है। कुल 328 लोगों को स्वास्थ्य में सुधार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

क्या है कोरोना वायरस

corona-virus

कोरोना वायरस एक तरह का संक्रमित होने वाला वायरस है। विश्व स्वास्थ्य संगठन इस वायरस को लेकर लोगों को चेता चुका है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण के जरिए फैलता है। दुनिया के तमाम देशों में यह वायरस चीन से आने वाले यात्रियों के जरिए ही पहुंच रहा है। इस वायरस के लक्षण निमोनिया की ही तरह हैं। यह वायरस कोरोनो वायरस परिवार से संबंध रखने वाला वायरस है। कोरोना वायरस जानवरों में भी पाया जाता है। समुद्री जीव-जंतुओं के जरिए यह वायरस चीन के लोगों में फैला। दक्षिण चीन में समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को सबसे पहले इस वायरस ने चपेट में लिया, जिनमें वुहान शहर है।

हुबेई की राजधानी वुहान में लगभग 1.1 करोड़ लोग रहते हैं और कोरोना वायरस का पहला मामला यहीं पाया गया था।

बता दें कि चीन के बाद कोरोना वायरस अब दुनिया के 17 देशों में पहुंच चुका है। भारत, नेपाल, तिब्बत, कंबोडिया और श्रीलंका में इसके एक-एक मरीज मिल चुके हैं। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे देखते हुए अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। 

 


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