अब डिजिटल हेल्थ लॉकर बनाने की तैयारी में सरकार

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सरकार नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन लांच करने की तैयारी में है| इस पर बने कमिटी ने अपनी रिपोर्ट को भी सम्बंधित अधिकारियो को सौप दिया है| इसमें देश के हर नागिरक को एक डिजिटल हेल्थ लॉकर देने की बात कही गयी है| कमिटी ने इसको लेकर ख़ास सिफारिश की है|

अगर सरकार कमिटी के इस सिफारिश को मान लेती है| तो ऐसे में देश में जितने भी नागिरक है, उनकी जो भी पास्ट (पीछे) की मेडिकल रिकॉर्ड रही है| यानी उन्होंने जो भी एक्स-रे, सीटी स्कैन, MRI कराया है| या फिर उन्होंने जांच कराया है या किसी डॉक्टर ने उन्हें कोई दवा की निर्देशन दी है| इन तमाम चीजो के रिकॉर्ड एक डिजिटल हेल्थ लॉकर में मौजूद होंगे| जिसको देश के किसी भी कोने से एक्सेस किया जा सकेगा| और इस डिजिटल लॉकर को खोलने के लिए जो चाभी होगी| वो आपका पर्सनल हेल्थ आइडेंटिटी नंबर (PHIN) होगा| ये हर नागरिक को दिया जायेगा| पर्सनल हेल्थ आइडेंटिटी नंबर यानी PHIN को फ्रेम करने का काम यूआईडीऐआई यानि जो आधार बनाने वाली संस्था है, वो आईटी मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर तैयार करेगी|

इतना ही नहीं देश में जितनी भी डायरेक्ट्रीज है| यानी देश में जितने भी डॉक्टर है, पैरामेडिकल स्टाफ है, हॉस्पिटल की क्या लोकेशन है ( वहाँ तक कैसे पहुंचा जा सकता है)| इसके लिए भी एक अलग से डायरेक्ट्रीज तैयार की जायेगी| जिसके माध्यम से डॉक्टरो की रियल टाइम लोकेशन, उनसे ऑडियो और विडियो कांफ्रेंसिंग करायी जा सकेगी| जहाँ पे विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है, वहाँ पर उनसे रायशुमारी की जा सकेगी|

इसके साथ ही जो मरीजो का हेल्थ से जुड़ा हुआ डेटा है, उसकी प्राइवेसी का भी खास ख्याल रखने की बात कही गयी है| इस सिफारिश में ये कहा गया है कि एक कंसेंट मेनेजर होगा| यानी किसी भी मरीज का रिकॉर्ड तभी एक्सेस किया जा सकेगा, जब मरीज की या फिर उसके परिजनों की सहमती होगी| इसके अलावा एक प्राइवेसी ऑपरेशन सेंटर बनाया जाएगा जहाँ पर इस तरह की जानकारियों को इक्कठा रखा जायेगा| ताकि इसको हैक न किया जा सके, हैकप्रूफ सिस्टम बनाया जायेगा| इसके अलावा एक गोपनीयता कंट्रोलर होगा, जिसकी ये जिम्मेदारी होगी कि हेल्थ रिकॉर्ड का कही भी मिसयूज ना हो| और यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो उसके खिलाफ उचित कारवाई की जाए|

मालूम हो कि इससे पहले मोदी सरकार डिजिटल लॉकर पेश कर चुकी है| Digi Locker नामक इस एप्लीकेशन में आप अपने किसी भी दस्तावेज जैसे- एजुकेशन डिग्री, आधार कार्ड, PAN कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस को सुरक्षित रख सकते हैं| डिजी लॉकर के जरिए आप अपने दस्तावेज को देश के किसी भी हिस्से में जाकर इस्तेमाल कर सकते हैं| ख़ास बात यह है कि इन दस्तावेजों को उतनी ही मान्यता मिलेगी, जितनी आपकी मूल दस्तावेज को मिलती है|