मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार होने से बचाये 1.58 लाख करोड़ रूपये

एक जमाना हुआ करता था जब केंद्र सरकार से 1 रूपये चलता था तो जनता तक महज 15 पैसा ही पहुंचता था। मतलब सरकार और जनता दोनो को चूना लगता था और बिचौलियों की जेबें खूब गर्म होती थी। लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद अब सरकार से एक रूपये जनता के लिये खर्च किये जाते है तो वो सीधे जनता की जेब में ही जाते है।  ये सब अगर हुआ है तो DBT  के चलते यानी की Direct Benefit Transfer के चलते। इतना ही नही सरकार की इस पहल से सरकार का भी फायदा हो रहा है खुद सरकार के भी इस पहल से 158 लाख करोड़ रूपये बचे है।


मनरेगा में बचाये 24,162 करोड़

सबसे पहले बात करते है मनरेगा की जिसके जरिये देश में लाखों लोगों को रोजगार दिये जाते है। खासकर लॉकडाउन के वक्त जो प्रवासी मजदूर अपने गांव पहुंचे उन्हे भी इस योजना के तहत काफी संख्या में रोजगार मिला। लेकिन इस दौरान इस बार सरकार ने 24,162 करोड़ रूपये की बचत की ऑकड़ों की माने तो सरकार का दावा है कि मनरेगा में करीब 1.2 करोड़ फर्जी लोगों के नाम पर पैसा लिया जा रहा था जिसपर कार्यवाही करने से ये नतीजे सामने आये है।

आधार कार्ड से बचाये 66,000 करोड़

मनरेगा की तरह आधार कार्ड में चल रही धांधली को खत्म करके सरकार ने 66,000 करोड़ रूपये सरकार ने बचाये। सरकार की माने तो देश के भीतर 3.4 करोड़ की संख्या में ऐसे लोग थे जो न केवल गलत तरीके से आधार कार्ड बनवाकर रखे हुए थे बल्कि वो इसका प्रयोग सरकारी फायदो के लिये भी कर रहे थे जिस पर नकेल कसने के कारण ही आज स्थिति ये हुई है कि इस विभाग ने भी सरकार के करोड़ों रूपये की चपत लगाने से बचाई है।

महिला एंव बाल कल्याण 1,523 करोड़ की चोरी पकड़ी

खुद पीएम मोदी ने एक बार मंच से बयान दिया था कि विधवा पेंशन हो या फिर बच्चों के आहार के पैसे, बिचौलियों के चलते सीधे उनके पास नही पहुंच पाते है लेकिन उनकी सरकार ने अब उनकी पहचान कर ली है जिसके बाद जमीन में स्थिति बदली है। जिस बात का जिक्र पीएम कर रहे थे वो अब सामने भी आने लगी है जिसका नतीजा ये हो रहा है कि महिला एंव बाल कल्याण विभाग ने इस बार 1,523 करोड़ रूपये की बचत की है।

राशन वितरण में फर्जीवाड़े पर लगी नकेल

आजादी के बाद सबसे ज्यादा घपला अगर कही देखने को मिलता था तो वो था राशन वितरण विभाग हालाकि पिछले 6 साल से इस विभाग को लेकर मोदी सरकार ने जो कदम उठाये है उसके नतीजे है कि इस विभाग में 66,896 करोड़ रूपये का नुकसान होने से बचाया। इतना ही नही कोरोना काल में जिस तरह की मोदी सरकार ने व्यवस्था की उससे भी अनाज गरीब लोगों तक पहुंचा। सरकार ने एक देश एक राशन कार्ड स्कीम को लागू करके तो एक तरह से बिचौलियों की इनकम पूरी तरह से खत्म ही कर दी है।

मोदी सरकार ने पहले दिन से ही भ्रष्टाचार के मामलो पर नकेल कसना शुरू कर दिया था जिसका आज ये परिणाम सामने आ रहा है कि देश में न केवल योजनाओं का फायदा आम लोगों को मिल रहा है बल्कि सरकार की भी बचत हो रही है जो ये बताता है कि अगर सत्ता के शिखर में ईमानदार व्यक्ति आ जाये तो फिर क्या क्या परिवर्तन देखने को मिलने लगते है।