मोदी सरकार की योजना बनी श्रमिकों के लिए सौगात

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

इसमे कोई शक नही कि कोरोना के चलते न जाने कितने लोग हैं जिनकी नौकरी पर बन आई थी लेकिन पीएम मोदी ने ऐसे लोगो के लिए महापैकेज में लोन की व्यवस्था की थी जिससे हुनरमंद श्रमिक अपना काम शुरू करके अपनी जीविका चला सकें। आज पीएम की ये योजना परवान चढ़ रही है और करीब 10 करोड़ लोग इसका फायदा उठा चुके हैं।

बिना गारंटी लोन योजना का कमाल

अपना काम शुरू करने के लिए मोदी सरकार ने महापैकेज में लोगों को  बिना गारंटी लोन देने की बात कही थी जिसके तहत 50 हजार रूपये लोगों को दिये जाने थे। अच्छी बात ये है कि सरकार की इस योजना का फायदा देश भर में करीब 10 करोड़ लोगो ने उठा लिया है। दरअसल मोदी सरकार ने इस योजना की शुरुआत लोगों को अपना बिजनेस शुरु करने के लिए की है। अगर आप भी अपना कोई बिजनेस शुरु करना चाहते हैं और आपको बैंक से लोन मिलने में दिक्कत हो रही है तो केंद्र सरकार की इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के तहत मुख्य रूप से दुकान खोलने, रेहड़ी पटरी या कोई अन्य छोटा काम शुरू करने के लिए  लोन ले सकते हैं। यह लोन वाणिज्यिक बैंकों से लेकर स्मॉल फाइनेंस बैंक, एमएफआई और एनबीएफसी द्वारा दिया जा रहा है। इस योजना में बिना किसी गारंटी के लोन दिया जाता है। इसमें कोई भी शख्स इन संस्थानों में जाकर लोन के विषय में जानकारी लेने के साथ-साथ इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इतना ही नहीं इस लोन के लिए आप सरकार के https://www.udyamimitra.in ऑनलाइन पॉर्टल पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। जिसका फायदा वो लोग ज्यादा उठा रहे हैं जो लोग एक राज्य से अपने राज्य लौटे हैं पैसा मिल जाने के चलते इन लोगो ने अपना व्यवसाय खोल लिया है जिससे इनकी आमदनी तो बढी है साथ ही देश भी आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ चला है।

मुद्रा शिशु योजना में मोदी सरकार ने दी छूट

मोदी सरकार अपने इस मुद्रा शिशु योजना  के तहत लोन पर ब्याज दरों में 2 फीसदी तक की छूट भी दे रही है। इस योजना के तहत 9 से 12 फीसदी तक का ब्याज लगता है। जिसमें सरकार 2 प्रतिशत तक की छूट दे रही है। यानी आपको 7 फीसदी की दर पर ब्याज देना होगा। मुद्रा योजना के तहत लोन लेने वाले लोगों को ब्याज में यह छूट 1 जून 2020 से 31 मई 2021 तक मिल सकेगी। गौरतलब है कि मुद्रा योजना के तहत बैंक बिना गारंटी के लोन देती है और लोन के लिए कोई प्रोसेसिंग चार्ज भी नहीं लिया जाता है। लोन लेने वाले को एक मुद्रा कार्ड मिलता है, जिसकी मदद से कारोबारी जरूरत पर आने वाला खर्च कर सकता है। सरकार ने इसके साथ साथ सभी कोऑपरेटिव बैंकों को आरबीआई की देख रेख में रख दिया है। जिससे इन सब में ज्यादा पारदर्शिता देखने को मिलेगी तो दूसरी तरफ लोगो का इसपर विश्वास भी बढ़ेगा।

बहरहाल सरकार उन लोगो को पैसे की कमी नही होने देना चाहती है जो लोग पैसे की कमी के चलते अपना कुछ नया बिजनेस नही खोल पा रहे थे। ऐसे लोगो को सरकार की इस योजना से बहुत फायदा हो रहा है। और सरकारी पचड़े में बिना फंसे लोग इसका फायदा जल्द उठा रहे हैं तभी तो कोरोना संकट के बाद भी देश का आर्थिक पहिया अब दौड़ने लगा है। रही बात स्पीड पकड़ने की तो वो मोदी सरकार करके ही दम लेगी।


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •