मोदी सरकार ने खोला गरीबों के लिए सौगात का पिटारा 

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कोरोना काल में पीएम मोदी की हर कैबिनेट में देश के गरीबों के लिए फ्रिक भी की जाती है और जिक्र भी होता है कि कैसे इस कठिन दौर में उन्हे ज्यादा से ज्यादा मदद पहुंचाई जाये जिससे उनके जीवन में कोई कठिनाई न हो इसी के चलते एक बार फिर से पीएम मोदी की कैबिनेट ने गरीबों और मजदूरों के लिए अपनी कैबिनेट में अहम फैसलों पर मोहर लगा दी है। आइये जानते हैं सरकार ने क्या अहम फैसले लिए हैं

देश में 1 लाख 15 हजार घर बनेंगे

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास के तहत मजदूरों को घर किराये पर दिए जाएंगे, 1.08 लाख घर मजदूरों को किराये पर दिए जाएंगे। सरकार ने शहरी गरीबों और प्रवासियों के लिए अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्पलेक्स  को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना- अर्बन के तहत मजदूरों के घर बनाए जाएंगे। इस योजना पर करीब 600 करोड़ रुपए खर्च होगा. मौजदूा सरकारी फंड से तैयार खाली कॉम्लेक्स को अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्पलेक्स में बदला जाएगा। इसके अलावा स्पेशल इन्सेंटिव जैसे 50 फीसदी अतिरिक्त FAR/FSI, टैक्स राहत ऑफर किए जाएंगे, टेक्नोलॉजी इनोवेशन ग्रांट पर 600 करोड़ रुपए का खर्च आएगा, शुरुआत में 3 लाख लाभार्थियों को इसमें कवर किया जाएगा।

गरीब कल्याण अन्न योजना को मिली मंजूरी

कैबिनेट बैठक में गरीब कल्याण अन्न योजना को नवंबर तक बढ़ाने पर कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. कोरोना संकट के बीच मोदी सरकार नवंबर तक 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन बांट रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में इसकी घोषणा की है। ये राशन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत बांटा जा रहा है। मार्च महीने में सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का ऐलान किया था, सरकार इस योजना के तहत लोगों को बीते तीन महीने से मुफ्त राशन बांट रही है जिसे नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

 

सितंबर तक मिलेंगे फ्री सिलेंडर

कैबिनेट बैठक में एक और महत्वपूर्ण फैसला उज्ज्वला योजना के तहत गरीबों को मिलने वाले फ्री एलपीजी सिलेंडर योजना को लेकर हुआ. कैबिनेट ने उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को मिलने वाले फ्री एलपीजी सिलेंडर योजना का विस्तार किया है, यानी उज्ज्वला लाभार्थियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर तक फ्री एलपीजी सिलेंडर मिलेंगे। जिससे गरीब के घर का चुल्हा जलता रहे।

कारोबारियों और कर्मचारियों को तोहफा

कैबिनेट ने कारोबारियों और कर्मचारियों को 24 फीसदी ईपीएफ सपोर्ट को मंजूरी दी है। बता दें कि पीएम गरीब कल्याण पैकेज के तहत जिन कंपनियों में 100 कर्मचारी तक मौजूद हैं और इनमें से 90 फीसदी कर्मचारी 15 हजार रुपये से कम महीने में कमाते हैं, ऐसी कंपनियों और उनके कर्मचारियों की ओर से EPF में योगदान मार्च से लेकर अगस्त 2020 तक के लिए सरकार की ओर से दिया जा रहा है। मई महीने में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने (प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना) के तहत तीन महीने के लिए बेनिफिट्स को बढ़ाने की घोषणा की थी, जहां सरकार ईपीएफ योगदान का पूरा 24 फीसदी अगस्त तक भरेगी, इससे 3.67 लाख नियोक्ताओं और 72.22 लाख कर्मचारियों का राहत मिलेगी।

कुल मिलाकर इस कठिन दौर में मोदी सरकार की कोशिश यही है कि गरीब को दिक्कत न उठानी पड़े। इसलिये मंहगाई को भी सरकार ने बिलकुल कंट्रोल कर रखा है। ऐसे में सरकार के इन फैसलों से आने वाले दिनो में गरीब मजदूर और कमजोर वर्ग के लोगों को जरूर राहत मिलेगी।


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