200 साल पुराने आर्डनेंस फैक्टरी का पुनर्गठन करके सेना को ताकतवर बनाती मोदी सरकार

पिछले 7 सालों से सेना को जहां एक ओर सीमाओं पर खुली छूट दी जा रही है तो दूसरी तरफ देश को किसी तरह की दिक्कत ना हो इसका भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। हथियार हो या फिर देश के जवानों के लिये तैयार किये जाने वाले साजो सामान, सबका विशेष ध्यान मोदी सरकार रख रही है। सेना की एक एक जरूरत को पहले नबंर पर रखकर काम किया जा रहा है। इसी क्रम में अब मोदी सरकार ने 200 साल पुराने आर्डनेंस फैक्टरी का पुनर्गठन करते हुए सात नई रक्षा कंपनियां राष्ट्र को समर्पित की है। इस मौके पर पीएम मोदी ने बोला की रक्षा क्षेत्र में अब पहले से ज्यादा पारदर्शिता और भरोसा जगा है।

15-20 साल से लटका था सुधार अब तेजी से बढ़ेगी सेना की ताकत

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि रक्षा क्षेत्र में आज जो 7 नई कंपनियां उतरने जा रही हैं वो समर्थ राष्ट्र के उनके संकल्पों को और मजबूती देंगी।  इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए, राष्ट को अजेय बनाने के लिए, जो लोग दिन रात खपा रहे हैं, उनके सामर्थ्य में और अधिक आधुनिकता लाने के लिए एक नई दिशा की ओर चलने का अवसर अब आ गया है। इतना ही नहीं 41 आर्डिनेन्स फैक्ट्रीज़ को नए स्वरूप में किए जाने का निर्णय, 7 नई कंपनियों की ये शुरुआत, देश की इसी संकल्प यात्रा का हिस्सा हैं। ये निर्णय पिछले 15-20 साल से लटका हुआ था। मुझे पूरा भरोसा है कि ये सभी सात कंपनियाँ आने वाले समय में भारत की सैन्य ताकत का एक बड़ा आधार बनेंगी।

आत्मनिर्भर भारत के दम पर दुनिया की सैन्य ताकत बनेगा भारत

पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश का लक्ष्य भारत को अपने दम पर दुनिया की बड़ी सैन्य ताकत बनाने का है, भारत में आधुनिक सैन्य इंडस्ट्री के विकास का है। पिछले सात वर्षों में देश ने ‘मेक इन इंडिया’ के मंत्र के साथ अपने इस संकल्प को आगे बढ़ाने का काम किया है। सरकार के इस कदम के बाद अब भारत में पिस्तौल से लेकर लड़ाकू विमान तक भारत में तैयार होगे। यानी की सैन्य उपकरण के निर्माण में भी भारत तेजी से आगे बढ़ेगा और आने वाले दिनो में सिर्फ हथियार खरीदेगा ही नही बल्कि उसे दूसरे देशो को बेचेगा भी।

सच में भारत बदल रहा है तभी तो सेना सीधे दुश्मनो को मुंह तोड़ जवाब देती है तो उनकी जरूरतों का सरकार पूरा ध्यान रखती है। इसीलिये तो हर दिन भारत की सेना और ताकतवर होकर उभर रही है।