विदेश में बसे भारतीयों के लिए संकटमोचक है मोदी सरकार

चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में फैल रहा है। दुनिया के लिए संकट बनकर उभरी इस महामारी में भारत के भी कई नागरिक चीन में फंस गए हैं। इसी बीच भारत सरकार चीन में फंसे भारतीयों के लिए देवदूत बनकर सामने आई हैं। कोरोना वायरस के चलते वहां फंसे भारतीयों को भारत सरकार वापस ला रही है। बता दें कि अब तक वहां से 654 लोगों को भारत लाया जा चुका है।

क्या है कोरोना वायरस

कोरोना वायरस एक तरह का संक्रमित होने वाला वायरस है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण के जरिए फैलता है। दुनिया के तमाम देशों में यह वायरस चीन से आने वाले यात्रियों के जरिए ही पहुंच रहा है। इस वायरस के लक्षण निमोनिया की ही तरह हैं। बता दे कि हुबेई की राजधानी वुहान में लगभग 1.1 करोड़ लोग रहते हैं और कोरोना वायरस का पहला मामला यहीं पाया गया था।

बता दें कि चीन के बाद कोरोना वायरस अब दुनिया के 17 देशों में पहुंच चुका है। भारत, नेपाल, तिब्बत, कंबोडिया और श्रीलंका में इसके एक-एक मरीज मिल चुके हैं। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे देखते हुए अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार ने कई देशों में इसी तरह के अभियान चलाकर विपत्ति के समय में वहां फंसे लोगों की मदद कर चुकी है। डालते हैं एक नजर-

सऊदी से वतन लौटे भारतीयों ने किया था मोदी सरकार का शुक्रिया

पूरी दुनिया में जहां कहीं भी भारतीय मुसीबत में होती है, मोदी सरकार प्राथमिकता के आधार पर उनकी मदद करती है। 19 जून, 2019 को ही मोदी सरकार ने सऊदी अरब में फंसे भारतीयों की सकुशल वतन वापसी कराई। दरअसल वीजा खामियों की वजह से बड़ी संख्या में लोग सऊदी के विभिन्न जगहों पर फंसे हुए थे और अस्थायी कैम्पों में बिना समुचित खान-पान और चिकित्सा व्यवस्था के अपना दिन काट रहे थे। तब मोदी सरकार के प्रथम कार्यकाल में विदेश मंत्री रहीं सुषमा स्वराज ने इस दिशा में सराहनीय कार्य किया और अपने देश के सऊदी अरब में फंसे सैकड़ों भारतीय नागरिकों को अपने वतन वापस बुलाने का इंतज़ाम वहां के सरकार के साथ मिल कर किया मोदी सरकार की पहल पर 1200 भारतीय वतन वापस लाए गए। इनमें 500 के लगभग पंजाबी थे। वतन लौटे पंजाबियों ने वापसी के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। मोदी सरकार के विदेश मंत्रालय की पहल और सऊदी भारतीय दूतावास की त्वरित पहल पर वापस लौटे नागरिक ने कहा कि, “मोदी सरकार न होती तो वापस वतन की मिट्टी नसीब न होती”

सूडान में फंसे सैकड़ों भारतीय नागरिकों को एयरलिफ्ट कर बाहर निकाला

दक्षिण सूडान में गृह युद्ध में फंसे सैकड़ों भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए विदेश मंत्रालय ने रक्षा मंत्रालय के सहयोग से आपरेशन संकट मोचन विदेश मामलों के राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह की अगुवाई में शुरू किया। संकट मोचन का उद्देश्य लगभग तीन सौ भारतीयों को दक्षिण सूडान की राजधानी जुबा से सुरक्षित बाहर निकालना था ।सूडान से भारतीयों को एयरलिफ्ट करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत विमान सी-17 और टीम के साथ वीके सिंह जूबा पहुंच कर वहां से बाहर निकाला।

यमन संकट के दौरान विश्व ने माना भारत का लोहा

जुलाई 2015 में यमन गृहयुद्ध की चपेट में था और सुलगते यमन में चार हजार से ज्यादा भारतीय फंसे हुए थे। बम गोलों और गोलियों के बीच हिंसाग्रस्त देश से भारतीयों को सुरक्षित निकालना मुश्किल लग रहा था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कुशल नेतृत्व और विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह के सम्यक प्रबंधन और अगुआई ने कमाल कर दिया। 4000 भारतीयों और विदेशी नागरिकों को बाहर निकालने वाले अभियान का सिंह ने सफलतापूर्वक संचालन किया ।भारतीय नौसेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय के बेहतर समन्वय से भारत के करीब चार हजार नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया वहीं 25 देशों के 232 नागरिकों की भी जान बचाने में भारत को कामयाबी मिली। इस सफलता ने विश्वमंच पर भारत का लोहा मानने के लिए सबको मजबूर कर दिया।