मोदी सरकार हेल्थ सेक्टर पर रख रही विशेष ध्यान ,’पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन’ हुई शुरूआत

अधिकतर देखा जाता है कि सरकार जब अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में होती है तब नये नये परियोजनाओं को शुरू करती है या उद्घाटन का दौर देखा जाता है। लेकिन मोदी 2.0 में पहली बार देखा जा रहा है कि सरकार लगातार नई नई योजनाओं का शिलान्यास कर रही है या उद्घाटन, जो ये साफ दर्शाता है कि मोदी सरकार जिस काम की शुरूआत करते है उसे पूरा भी करते हैं।  

यूपी में किया 9 मेडिकल कॉलेज की शुरूआत

पीएम मोदी ने यूपी में 9 मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन के साथ एक बार फिर ये साफ हो गया कि मोदी सरकार जो बोलती है उसे पूरा भी करती है वो भी तय समय पर तभी तो आज एक नहीं दो नहीं बल्कि 9 मेडिकल कॉलेज की शुरूआत की गई। वैसे तो पीएम मोदी ने 2014 में 157 मेडिकल कॉलेज की घोषणा की थी जिसे जल्द से जल्द पूरा किया जा रहा है और इसका सबूत ये 9 मेडिकल कॉलेज है। इन कॉलेजो से खुलने से जहां एक तरफ लोगों को इलाज में सहूलियत होगी तो दूसरे तरफ देश में डॉक्टरो की कमी भी दूर होगी। आंकड़ो पर नजर डाले तो 2014 से पहले हमारे देश में मेडिकल की सीटें 90 हज़ार से भी कम थीं जबकि बीते 7 वर्षों में देश में मेडिकल की 60 हज़ार नई सीटें जोड़ी गई हैं जो मोदी सरकार की काम की रफ्तार बताता है।

पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन की हो गई शुरूआत

हेल्थ सेक्टर में मोदी सरकार लगातार नई नई योजनाओं के जरिये आम लोगों की इलाज करवाने की टेंशन को कम करने में लगी है। इसी क्रम में पीएम मोदी ने काशी के आँगन से ‘पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन’ की शुरूआत की। सरकार के मुताबिक, यह देशभर में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सबसे बड़ी स्कीम्स में से एक है। इस योजना का मसकद लंबी अवधि के लिए पब्लिक हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाना और उसमें सुधार करना है। इस योजना के तहत सरकार 5 सालों के दौरान 64,180 करोड़ रुपये का खर्च करेगी जिससे गरीबों को अच्छा इलाज मिल सके। सरकार ने बताया कि योजना के तहत 12 केंद्रीय अस्पतालों में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक बनाए जाएंगे, जिसमें 1800 अतिरिक्त बेड दिए होंगे। इसके साथ 602 जिलों में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक बनाए जाएंगे। इसके अलावा एम्स दिल्ली में 150 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जाने का लक्ष्य है। इस स्कीम में, उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाया

ये तो सच है कि मोदी सरकार ने हेल्थ सेक्टर को जैसे मजबूत किया है उसी का परिणाम है कि हम कोरोना से लड़ पा रहे है तो आज देश में सस्ते से सस्ता इलाज मोहइया करवा पा रहे है। इसके साथ साथ ज्यादा से ज्यादा अस्पताल देश में बनने से बड़े अस्पतालों का बोझ भी कुछ हद तक कम हो रहा है जो नये भारत के दर्शन करवाता है।