पश्चिम बंगाल में दंगाइयों से निपटेंगे अर्द्धसैनिक बल, अब एक्शन लेगी मोदी सरकार

पश्चिम बंगाल के बिगड़ते हुए हालात को देखते हुए अब मोदी सरकार एक्शन में आ गयी है| राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने गृहमंत्रालय को एक रिपोर्ट भेजी है, जिसमे स्पष्ट तौर पर ये कहा गया है की राज्य सरकार हिंसा की घटनाओ को रोकने में पूरी तरह विफल रही है| रिपोर्ट में बंगाल की अफसरशाही पर भी सवाल उठाया गया है, और कहा गया है की राज्य के आला अफसर ही जान-बुझ कर हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं|

गवर्नर द्वारा भेजी गयी रिपोर्ट में इस बात को साफ़ किया गया है कि राज्य सरकार ने हिंसा रोकने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाये है| और अगर जल्द ही पैरामिलिट्री फोर्स तैनात नहीं की गई तो हिंसा बेकाबू हो जाएगी। रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए मोदी सरकार ने पश्चिम बंगाल में पैरामिलिटरी फ़ोर्स की तैनाती करने का फैसला किया है|

भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनितिक गतिरोध से पैदा हुए टकराव को रोकने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर अर्द्धसैनिक बल (पैरामिलिट्री फोर्स) राज्य में तैनात करेगी|

चुनाव के बाद भी जारी हिंसा पर केंद्र सरकार ने चिंता व्यक्त करते हुए ममता सरकार को कानून व्यवस्था, शांति और सार्वजनिक अमन बनाए रखने का परामर्श दिया है| एक रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को उत्तरी 24 परगना जिले में चुनाव बाद हुए संघर्ष में चार लोग मारे गए| इस तरह की हिंसंक घटनाओं की खबर आये दिन पश्चिम बंगाल से आ रही है| केंद्र ने ममता सरकार को अपनी जिम्मेदारी न निभाने वाले अधिकारीयों के खिलाफ कड़ी कारर्वाई करने की भी हिदायत दी है|

राज्यपाल मिलेंगे मोदी और शाह से

इसी सिलसिले में पश्चिम बंगाल के गवर्नर केसरीनाथ त्रिपाठी आज पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। किस तरह से बंगाल में हो रही हिंसा को रोका जाये इस पर विचार विमर्श होगा| हिंसा की वजह से आम जनता काफी परेशान है| जल्द ही अगर हिंसा को रोकने के सही कदम नहीं उठाये गए तो बड़े पैमाने पर राजनीतिक हिंसा शुरू होने की सम्भावना है।