कालाधन रखने वालों के खिलाफ मोदी सरकार को मिली एक और सफलता

आपको ध्यान होगा मोदी सरकार ने साल 2014 में जब सत्ता संभाली थी तो सबसे पहली कैबिनेट ने कालेधन पर कार्यवाही करते हुए एक एसआईटी का गठन किया था जिसके बाद लगातार कालाधन रखने वालो पर लगातार वॉर करती जा रही है। इसी क्रम में सरकार को एक और बढ़त मिली है जब दूसरी बार स्विस बैंक द्वारा  कालाधन रखने वालो की लिस्ट दी गई है।

स्विस बैंक से काले धन को लेकर मिली एक और लिस्ट

कालेधन के खिलाफ सरकार लगातार अभियान चला रही है देश में आयकर नियमों में सख्ती के साथ साथ विदेश में जो कालाधन देश के लोगों ने छुपाया है उनके खिलाफ भी नकेल कसी जा रही है जिसके तहत स्विस बैंक ने एक बार फिर से अपने यहां खाताधारकों की लिस्ट भारत को सौपी है। इससे पहले साल 2019 में भी ऐसी ही एक लिस्ट स्विस बैंक ने भारत को दी थी। यह जानकारी स्विट्जरलैंड द्वारा सूचना संधि के स्वत: आदान-प्रदान के तहत प्राप्त हुई है। केंद्र सरकार द्वारा कालेधन के खिलाफ शुरू किए गए अभियान में इसे एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। जानकारो की माने तो बड़ी संख्या में भारतीयों के स्विस बैंकों में खाते हैं। इसके अलावा, स्विस प्रशासन ने पहले भारत के साथ 100 भारतीय नागरिकों से संबंधित खाता जानकारी साझा की है। बता दें कि भारत में काला धन हमेशा से ही एक राजनीतिक मुद्दा रहा। प्रधानमंत्री बनने के बाद 8 नवंबर, 2016 को सरकार द्वारा नोटबंदी के पीछे एक बड़ा कारण काले धन के खिलाफ सरकार का अभियान भी माना गया।

एक साल में 100 से अधिक भारतीय और संस्थाओं के बारे में मिली जानकारी

स्विस अधिकारियों ने भारत के अनुरोध पर पिछले एक साल में 100 से अधिक भारतीय नागरिकों और संस्थाओं के बारे में जानकारी साझा की है, जिनके खिलाफ कर चोरी और वित्तीय गड़बड़ियों की जांच चल रही थी। ये मामले ज्यादातर पुराने खातों से संबंधित हैं, जो 2018 से पहले बंद हो चुके हैं।एईओआई केवल उन खातों पर लागू होता है, जो 2018 के दौरान सक्रिय थे या इस बीच बंद किए गए।इनमें से कुछ मामले भारतीयों द्वारा पनामा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड और केमैन आइलैंड जैसे स्थानों की संस्थाओं में जमा धन से संबंधित हैं। इनमें से ज्यादातर व्यापारी हैं, जबकि कुछ राजनेता और उनके परिजन भी शामिल हैं।हालांकि गोपनीयता का हवाला देते हुए भारतीयों के मौजूदा खातों की संख्या या इनमें जमा धनराशि के बारे में ब्यौरा देने से इनकार किया। स्विस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी में पहचान, खाता और वित्तीय जानकारी शामिल है।इन जानकारी से कर अधिकारियों को यह पता करने में मदद मिलेगी कि क्या करदाताओं ने कर रिटर्न में अपने वित्तीय खातों के बारे में सही जानकारी दी है।

खुद पीएम मोदी कालेधन को लेकर बोल चुके है कि देश को लूटने वालो को वो छोड़ने वाले नही और सरकार के कदम कुछ यही बताते भी है कि कालाधन रखने वालो को ये सरकार छोड़ने वाली नही।

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