देश के मदरसों को मोदी सरकार की सौगात – अब होगी कंप्यूटर और विज्ञान की भी पढ़ाई

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BJP leader and Union Minister Mukhtar Abbas Naqvi

ईद के मौके पर पाँच करोड़ अल्पसंख्यक छात्रों के लिए छात्रवृति की घोषणा के बाद अब मोदी सरकार ने अल्पसंख्यक शिक्षा के मामले में एक और सौगात देने का फैसला लिया है| बीजेपी नेता और केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया की अब तैयारी मदरसों के आधुनिकीकरण की है|

अल्पसंख्यक शिक्षा के लिए पाँच साल का रोडमैप

“सबका साथ, सबका विकास” के मूलमंत्र से एक कदम आगे बढ़ते हुए मोदी 2.0 ने “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” का मूलमंत्र अपनाया है| इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए अल्पसंख्यक मंत्रालय ने अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए अगले पाँच साल का रोडमैप तैयार किया है|

सर्वप्रथम शिक्षा के लिए जागरूकता पैदा करने हेतु सरकार “पढ़ो व बढ़ो” अभियान चलाएगी| जिसके अंतर्गत माता-पिता को अपने बच्चों को स्कूल, मदरसों में पढाई के लिए भेजने को प्रोत्साहित किया जायेगा| इसके अलावा शैक्षणिक संस्थाओं की आधारभूत सुविधाओं और संसाधनों को भी अपग्रेड किया जायेगा| प्रथम चरण में देश के 60 अल्पसंख्यक बहुल जिलों को चिन्हित कर ये कार्य प्रारंभ होगा|

शिक्षकों को प्रशिक्षण

मदरसा शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करके उन्हें आधुनिक शिक्षा पद्धति के हिसाब से शिक्षा देने के लिए तैयार किया जायेगा जिस से की विज्ञान, गणित, कम्प्यूटर और अन्य भाषाओँ का भी ज्ञान दे सकें|

छात्रवृति योजना

उल्लेखनीय है कि अभी हाल में ही सरकार ने अगले पांच वर्षो में प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक एवं मेरिट-कम-मीन्स के अंतर्गत पांच करोड़ अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने का फैसला किया है| इनमे कम से कम 50% लड़कियों को शामिल करने का लक्ष्य है| आर्थिक रूप से पिछड़े परिवार की लड़कियों के लिए 10 लाख से भी ज्यादा तक की “बेगम हजरत महल बालिका स्कालरशिप” योजना अगले महीने से शुरू हो जाएगी|

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री, मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि “मोदी सरकार सांप्रदायिकता एवं तुष्टीकरण से हट कर विकास की बयार बहाने को कृतसंकल्प है|”

 


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