सेना से किया वादा निभाती मोदी सरकार

पीएम मोदी की सरकार भारतीय सेना के तीनों अंगों की सामरिक शक्ति बढ़ाने के लिए पूरी तरह से लगी हुई है। इसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार ने पिछले साल करीब 130 अरब ड़ॉलर खर्च करने की योजना की घोषणा की थी जिसे मोदी सरकार लगातार जमीन में उतारने में लगी हुई है।

 

नई असॉल्ट राइफल से लैस होगी सेना

सेना को लगातार मजबूत करने के लिए मोदी सरकार एक के बाद एक कदम उठा रही है। रक्षा मंत्रालय ने इसके लिए 2290 करोड़़ रुपये के हथियार एवं सैन्य उपकरणों की खरीद की मंजूरी दी है। इसमें चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर तैनात जवानों के लिए अमेरिका से 72 हजार असॉल्ट राइफलों की खरीद शामिल है। जाहिर है इन अत्याधुनिक राइफलों से सेना की ताकत में कई गुना की बढ़ोतरी होगी। वायुसेना के लिए लड़़ाकू विमान और नौसेना के लिए आधुनिक पनडु़ब्बियां और युद्धपोत भी आगामी कुछ वर्षों में खरीदे जाएंगे। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की योजना के तहत रक्षा क्षेत्र में भी भारत के घरेलू उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी। पिछले दिनों भारतीय वायुसेना के बेड़े़ में फ्रांस निर्मित अत्याधुनिक लड़़ाकू विमान राफेल के शामिल होने से पड़़ोसी दुश्मन देशों की हालत पस्त हो गई है। फिलहाल पांच लड़़ाकू राफेल विमान की पहली किस्त स्वदेश आ गई है और वायुसेना के बेड़े़ में शामिल भी हो गई है। अगले महीने 10 अक्टूबर तक पांच और राफेल विमान भारत आने वाले है।

 

 

DRDO ने भी सेना को बनाया सक्षम

पिछले एक महीने में सेना को हथियारों के मामले में DRDO ने भी बहुत ताकतवर बनाया है अभ्यास ड्रोन, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और अर्जुन टैंक द्वारा एंटी टैंक मिसाइल छोड़ने का सफल परीक्षण इस बात का गवाह बन रहा है। पीएम मोदी ने देश के वैज्ञानिकों से जो वायदा अनुसंधान करने के लिये किया था वो पूरा कर रहे है। पहले देश में इस तरह के परीक्षण में बजट को कम खर्चा किया जाता था लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद लगातार इस सेक्टर को भी जितना पैसा चाहिये उतना दिया जा रहा है जिससे सेना के हाथ मजबूत हो रहे है।

मोदी सरकार के इन कदमो का ही असर है कि आज सेना का आत्मविश्वास बहुत बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है जिसका असर सीमा पर भी देखा जा रहा है। क्या पाकिस्तान सीमा हो या चीन सीमा, हर जगह भारत दुश्मन को मुंह तोड़ जवाब दे रही है। और ये तो विश्व सत्य है कि भारत के जवान अपने शौर्य के लिये दुनिया में एक अगल स्थान रखते है। ऐसे में अगर इन जवानों के पास शक्तिशाली हथियार हाथ में होगे तो आप समझ सकते है कि देश के दुश्मनों की हालत क्या होगी।