स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देने में जुटी मोदी सरकार

आजादी के बाद अगर स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष जोर दिया जाता तो कोरोना काल में जो स्थिति पैदा हुई थी वो हाल देखने को नही मिलते। लेकिन हेल्थ सेक्टर में मूलभूत सुधार के लिये अब मोदी सरकार ने बीड़ा उठाया है जिसके चलते सरकार ने ऐसी योजना बनाई है जिसका नाम पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन रखा गया है जिसके तहत देश में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐसा काम किया जायेगा कि गांव गांव और शहर शहर तक लोगों को हेल्थ सुविधाये मिल सके। 

1.50 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र स्थापित करने की तैयारी

आने वाले दिनो में देश में एक हेल्थ नेटवर्क होगा जिसका असर ये देखा जायेगा कि लोगों को बेहतर सुविधा में इलाज घर के पास ही उपलब्ध होगा। इस बाबत स्वास्थ्य मंत्री की माने तो उनकी सरकार ने  कैंसर, डायबिटीज जैसी बीमारियों के इलाज के लिए और प्राथमिक स्तर पर जांच के लिए 1,50,000 स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। देश में करीब 79,000 से अधिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का उद्घाटन हो चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने 157 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी जिसमें कई की शुरूआत भी हो चुकी है। मेडिकल छात्रों के लिए अब सीटें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं। हमने लोगों को किफायती इलाज सुनिश्चित करने के लिए समग्र दृष्टिकोण के साथ काम किया जा रहा है। मोदी सरकार की माने तो छोटे केंद्र गांव या शहर में खोलकर बड़े अस्पतालों की भीड़ सरकार कम करना चाहती है जिससे खतरनाक रोग के मरीजों को इलाज आराम से हो सके।

जनता के पैसे अब सुविधाओं पर खर्च हो रहा

मोदी सरकार जब से आई है तब से ही वो लगातार देश के विकास में फंड की कमी नही होने दे रही है और वो इसलिये क्योंकि मोदी सरकार पर आम भारवासी का विश्वास बढ़ा है तभी टैक्स देने वालो की संख्या भारत में बढ़ गई है। ईमानदार सरकार होने के चलते जनता में भी ईमानदारी की झलक दिखने लगी है। तभी टैक्सी चोरी के केस कम हो रहे है।दूसरे तरफ सरकार विकास कामों के लिये पैसे में रुकावट भी नही बन रही है इसीलिये तय समय पर काम पूरा हो रहा है। जैसा पीएम मोदी ने अपने भाषण में भी जिक्र किया कि सरकार अब पैसा नहीं खाती और ना ही किसी को कटमनी देती इसीलिये तेजी से देश में विकास काम हो रहे है और विकास दिख भी रहा है।

वैसे जिस तरह की स्कीम पीएम मोदी ने लॉन्च की है विपक्ष उसपर आज कुछ भी तंज कसे लेकिन आने वाले दिनो में ये भारत की हेल्थ सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव के साथ साथ इतिहास भी रचेगी जिसके चर्च युगो तक भारत में होते रहेंगे।