मोदी सरकार ने टीकों के लिए भारत में ट्रायल की अनिवार्यता को किया खत्म

कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच देश में टीकाकरण को तेजी देने के लिए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने विदेशों में निर्मित ‘अच्छी तरह से स्थापित’ कोविड-19 रोधी टीकों के लिए भारत में ट्रायल की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है।

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टीकाकरण को लेकर सरकार का बड़ा कदम

कोरोना को हराना है तो देश में वैक्सीनेसन तेजी से करना होगा ये बात सभी जानते है शायद इसी लिये हम मोदी सरकार ने वैक्सीनेशन की स्पीड को और तेज बढ़ाने के लिये टीको की ट्रायल की अनिवारियता को खत्म कर दिया है जिससे सीधे सीधे टीका लोगों के पास पहुंच सके। माना जा रहा है कि सरकार के इस कदम के बाद  विदेशी टीकों के आयात में तेजी आएगी। सरकार ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब देश में दूसरी लहर कुछ शांत पड़ने के बावजूद प्रतिदिन करीब 2 लाख नए संक्रमित मिल रहे हैंभारत में इस समय एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से विकसित और भारत में उत्पादित कोविशील्ड और भारत बायोटेक-आईसीएमआर के टीके कोवैक्सीन से लोगों को टीकाकरण किया जा रहा है। रूसी वैक्सीन स्पूतनिक वी को भी सरकार आपातकालीन मंजूरी दे चुकी है, लेकिन अभी इसके कुछ लाख टीके ही रूस से लाए गए हैं और भारत में भी इसका उत्पादन शुरू हो गया है। वही सरकार के इस कदम से भी विदेश से टीका आने में मदद मिलेगी।

अब तक 20 करोड़ लोगों का हो चुका वैक्सीनेशन

सरकार की माने तो भारत में करीब 20 करोड़ लोगों के वैक्सीनेशन हो चुका है। अमेरिका के बाद भारत कोविड-19 टीकों की 20 करोड़ से अधिक खुराक लगाने वाला दुनिया का दूसरा देश बन गया है। 130 दिन के भीतर भारत ने ये टारगेट हासिल किया है। इनमें 15,71,49,593 लोगों को टीके की पहली खुराक और 4,35,12,863 को दूसरी खुराक लग चुकी है देश में अब तक 45 वर्ष से अधिक उम्र के 34 प्रतिशत से अधिक लोगों ने कोविड-19 टीके की कम से कम पहली खुराक लगवा ली है। इसी तरह देश में 60 वर्ष से अधिक उम्र की 42 फीसदी से अधिक आबादी कम से कम पहला टीका लगवा चुकी है। वही यूपी में सबसे तेजी के साथ टीकाकरण का काम हो रहा है। वैसे ये ऑकड़ा और होता अगर कुछ राज्यो ने वैक्सीन बर्बाद करने में रुची कम दिखाई होती। और स्पीड के साथ वैक्सीनेसन पर जोर दिया होता।

देश में अधिक से अधिक लोगो को टीका लग सके इसके लिये तेजी से सरकारे जुटी है। ऐसे में सरकार की इस नई पहले से टीकाकरण की स्पीड और तेज होगी। ऐसा कयास लगाया जा रहा है।