देश के विकास के साथ समझौता नहीं करती मोदी सरकार, कैबिनेट में किये ये बड़े ऐलान 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट और कैबिनेट कमिटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स यानी CCEA की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में पॉवर डिस्ट्रिब्यूशन रिफॉर्म को मंजूरी दी गई, साथ ही देश में गांव-गांव तक इंटरनेट से जोड़ने के लिए भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत फंड को भी मंजूरी दी गई। भारत नेट प्रोजेक्ट के लिए 19 हजार करोड़ रुपए के आवंटन को मंजूरी मिली है।

राहत पैकेज को मंजूरी

कैबिनेट मीटिंग में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में सबसे बड़ा फैसला ये लिया गया कि  दो दिन पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोविड के कारण 6 लाख 28 करोड़ की मदद का जो खाका बताया था उसे आज कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, पहले की सरकारें जो घोषणा करती थीं उसे बहुत समय बाद लागू करती थीं लेकिन मोदी सरकार ने इसे जल्द लागू कर दिया।

बिजली, इंटरनेट, DAP सब्सिटी के लिए बजट

इसके साथ साथ मोदी सरकार ने जून से नवंबर तक सरकार ने मुफ्त अनाज देने की घोषणा पर भी मोहर लगा दी है। इस योजना के तहत इस बार मई से नवम्बर तक 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज मिलेगा इसके लिए 93 हजार करोड़ रुपये घोषित किए गए हैं।  केंद्रीय मंत्री ने बताया, DAP खाद, यूरिया का दाम नहीं बढ़े इसके लिए 14 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है। गांव में ब्रॉडबैंड सुविधा के लिए 19 हजार करोड़ दिए हैं। 97 हजार करोड़ रुपये बिजली व्यवस्था के सुधार के लिए, 1 लाख 22 हजार करोड़ रूपये एक्सपोर्ट सुविधा के लिए दिए गए हैं। ये आत्मनिर्भर भारत का चौथा पैकेज है जो कि तुरंत प्रभाव से लागू होगा।

गांव-गांव पहुंचेगा इनफॉर्मेशन हाइवे

देश को तेजी के साथ हाईटेक बनाने के लिये सरकार ने  हर गांव तक इनफॉर्मेशन हाइवे बनाने के लिये पीएम मोदी सरकार ने  ऐतिहासिक फैसला लिया है। पिछले 15 अगस्त को देश के 6 लाख गावों में ऑप्टिकल ब्रॉडबैंड लाने का लक्ष्य रखा था। आज हम 1 लाख 56 हजार गावों में पहुंच चुके हैं। देश के सोलह राज्यों में भारत नेट को PPP मॉडल के तहत लागू किया है। तीस साल के लिए एग्रीमेंट कर रहे हैं, जिसमें हम पूरा नेटवर्क दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा, गावों में भी टेलीमेडिसिन की सुविधा दी जाएगी। देश के गावों में बच्चों के लिए अच्छी कोचिंग की व्यवस्था होगी। एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट होगा। देश में गांव-गांव तक इंटरनेट से जोड़ने के लिए भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत फंड को भी मंजूरी दी गई। भारत नेट प्रोजेक्ट के लिए 19 हजार करोड़ रुपए के आवंटन को मंजूरी मिली है। बता दें कि, इस प्रोजेक्ट के जरिए सरकार देश के हर ग्राम पंचायत को ब्रॉडबैंड कनेक्शन से जोड़ रही है।

कोरोना काल कितनी भी मुश्किले पैदा करे लेकिन सरकार विकास के कामो को फुल स्पीड में करना चाहती है और सबसे बड़ी बात ये की इसके लिये सरकार फंड की कमी भी नहीं होने दे रही है। यानी विकास के साथ कोई समझौता नहीं इस फार्मूले पर सरकार काम कर रही है।