चुनाव भूलकर फोनी आपदा से निपटने मे जुटे मोदी

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मौसम में वैसे तो बहुत तपिश है लेकिन सियासत में शब्दों की आग इस तपिश को भी कम कर रही है। इसी बीच देश के पूर्वी राज्यों ने फोनी नामक तूफान का दंश भी झेला लेकिन चुनाव को भूल इन राज्यों मे रहने वालो को मदद पहुंचाने के लिये पीएम मोदी खुद मैदान पर उतर आये है।

ओडिशा को दिया 1000 करोड़ की मदद

PM Modi In Odissha with CM Naveen Patnaik

खुद पीएम मोदी ने ओडिशा के फोनी तूफान से प्रभावित शहरों का हवाई दौरा किया और सीएम को विश्वास दिलाया कि केंद्र हर सभंव मदद करेगी। इस दौरान पीएम ने इस भीषण तूफान से मुकाबले के लिए सीएम नवीन पटनायक सहित यहां के लोगों की प्रशंसा भी की। साथ ही उन्होंने 1000 करोड़ रुपये की मदद का भी ऐलान किया। पीएम ने बताया कि इस भीषण तूफान की तबाही से निकालकर सूबे को पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से पहले भी 381 करोड़ रुपये की मदद दी जा चुकी है।

पीएम मोदी की यही तो खासियत है कि पीएम आपदा के वक्त सियासत भूल जाते है फिर वो केरल में आया तूफान हो या फिर बिहार में आई बाढ़. सत्ता मे रहते हुए मोदी हमेशा दल से ऊपर उठकर काम करते हैं। ऐसे मौको पर वो सियासत भी नही करते है। जबकि मोदी से पहले सरकारे इसपर भी सियासत करने से बाज नही आती थी।

जनता ने पूछा ये बेरूखी क्यो ?

हालाकि अभी भी कुछ नेता नरेद्र मोदी से सीख नही ले रहे है जिससे उन लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती है जो आपदा मे पीडित होते है। ऐसे ही एक नेता ममता बनर्जी है जो वोट बैंक के खातिर इस वक्त भी सियासत मे फंसी है। आलम ये है कि उन्होने पीएम मोदी का फोन भी नही उठाया जिसके चलते पश्चिम बंगाल मे फोनी तूफान को लेकर चर्चा नही हो सकी।

बरहाल सियासत में देश का प्रभाव कम करने के लिये बयानो के तीर तो खूब चल रहे है लेकिन आम जनता को पीड़ा देने वाले इस कदम की जितनी निदा की जाये वो कम है।