मोदी कैबिनेट ने MSP से किसानों को दी बड़ी राहत

देश के किसान और छोटे कारोबारी कोरोना काल में भी जिस तरह से देश के विकास में जुटे रहे उसको देखते हुए सरकार भी उनका पूरा पूरा ध्यान रखने के लिये आगे से आगे कदम बढ़ाती रही है। इसी क्रम में सरकार ने जहां एक बार फिर से गेहूँ की MSP के साथ दूसरी फसल के दामों में इजाफा किया है तो दूसरी तरफ टेक्सटाइल सेक्टर के लिए 10683 करोड़ रुपये की प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेटिव्स स्कीम को मंजूरी दी है।

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किसानों को सरकार ने दी सौगात

कैबिनेट ने गन्ना किसानों के लिए 290 रुपये प्रति क्विंटल के खरीद भाव को मंजूरी दी, जो कि अबतक का सबसे ज्यादा भाव है। कैबिनेट ने मार्केटिंग सीजन 2022-23 के लिए रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP को बढ़ाया दिया है।  गेहूं के लिए MSP 1975 रुपये से बढ़ाकर 2015 रुपये किया है। इस MSP पर उत्पादन लागत का उनका 100% किसानों को वापस हो जाएगा। चना की MSP साल 2022-23 के लिए 5230 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है, जो कि पहले 5100 रुपये थी। मसूर की MSP 5100 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये कर दी गई है। मस्टर्ड की MSP 4650 रुपये से बढ़ाकर 5050 रुपये कर दी गई है। सुरजमुखी की MSP में भी 114 रुपये की बढ़ोतरी की गई है अब ये 5327 रुपये से बढ़कर 5441 रुपये हो गई है। सरकार का ये कदम बताता है कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिये अपने वचन को पूरा कर रही है और उन लोगों की बात को असत्य साबित कर रही है जिसमे कुछ लोग ये आरोप लगाते हैं कि ये सरकार किसानों के लिये कुछ नहीं कर रही है।

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टेक्सटाइल सेक्टर को 10,683 करोड़ रुपये

कैबिनेट बैठक के बाद वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल  और I&B मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि PLI स्कीम से भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर को ग्लोबल तौर पर कंपटीटिव बनाने में मदद मिलेगी। PLI स्कीम से 7.5 लाख लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा पीयूष गोयल ने कहा कि वस्त्र उद्योग के लिये जितने कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उठाए हैं, वह शायद ही पहले कभी उठाये गये हों। मुझे विश्वास है कि भारत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अपना वर्चस्व दिखा पायेगा। पीयूष गोयल ने कहा कि पूरी वैल्यू चैन, जिसकी Man Made Fiber और Technical Textile में जरूरत पड़ती है, उसे प्रोमोट किया जायेगा। फैब्रिक आज भारत में बने, और प्रोसेसिंग यूनिट ज्यादा आयें, इस पर हमारी कोशिश रहेगी। जिससे इस सेक्टर में भी भारत आत्मनिर्भर बन सके।

सरकार के फैसले से जहां एक ओर किसानों को बड़ी राहत मिलेगी तो टेक्सटाइल सेक्टर में जो नये लोग कदम रख रहे हैं उनको आगे आने का मौका मिलेगा। वैसे भी हमारे पीएम की सोच भी यही है कि एक तरफ किसान मजबूत होकर आगे बढ़े तो दूसरी तरफ टेक्साइल सेक्टर में कारोबार तेज रफ्तार पकड़कर विश्व में भारत को और मजबूत कर सके।