कैबिनेट विस्तार की कानाफूसी के बीच मोदी कैबिनेट ने बदले कई राज्यों के गवर्नर्स

केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल से पहले मोदी सरकार ने देश के कई राज्यों के राज्यपालों को बदला है। इस बाबत राष्‍ट्रपति भवन की ओर से नई नियुक्तियों की जानकारी दी गई। इसमें सबसे बड़ा नाम  थावरचंद गहलोत का है जो अभी मोदी मंत्रिपरिषद में मंत्री हैं। इसके अलावा कुछ राज्‍यों के गवर्नर्स का ट्रांसफर भी किया गया है।

 

कर्नाटक के राज्‍यपाल होंगे थावरचंद गहलोत

केन्द्रीय सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का राज्‍यपाल बनाया गया है। वह राज्‍यसभा में सदन के नेता भी हैं। बीजेपी के संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्‍य भी हैं। अब उन्‍हें सभी राजनीतिक पद त्‍याग कर कर्नाटक के राजभवन में बसना होगा।

मिजोरम के राज्‍यपाल होंगे आंध्र के कंभमपति

उप-राष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू के साथ ‘जय आंध्र’ आंदोलन में हिस्‍सा लेने वाले हरि बाबू कंभमपति भाजपा में संगठन के कई पदों पर रहे हैं। बीजेपी की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्‍य कंभमपति को पूर्वोत्‍तर में मिजोरम का राज्‍यपाल बनाकर भेजा जा रहा है।

गुजराती पटेलबनेंगे मध्‍य प्रदेश के राज्‍यपाल

गुजरात से आने वाले मंगूभाई छगनभाई पटेल को मध्‍य प्रदेश का राज्‍यपाल बनाया गया है। कई बार विधायक और गुजरात सरकार में वन और पर्यावरण मंत्री रहे पटेल विधानसभा के अध्‍यक्ष भी रह चुके हैं।

गोवा विधानसभा को पेपरलेस कर चुके हैं अर्लेकर

गोवा विधानसभा के पूर्व स्‍पीकर राजेंद्र विश्‍वनाथ अर्लेकर को हिमाचल प्रदेश का राज्‍यपाल बनाया गया है। बचपन से ही राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ से जुड़े रहे अर्लेकर 1980 के दशक से बीजेपी के साथ रहे हैं। बतौर स्‍पीकर, अर्लेकर को गोवा विधानसभा को देश की पहली पेपरलेस विधानसभा बनाने का क्रेडिट जाता है।

पीएम मोदी ने लॉन्‍च की थी पिल्‍लई की किताब

मिजोरम के राज्‍यपाल पीएस श्रीधरन पिल्‍लई को गोवा का राज्‍यपाल बना दिया गया है। इमरजेंसी में इंदिरा गांधी के खिलाफ आवाज उठाने वाले पिल्‍लई ने संगठन में खूब काम क‍िया है। वह लेखक भी हैं और उनकी किताब का विमोचन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं।

An audio tape has emerged of BJP state president P S Sreedharan Pillai  allegedly accepting part hand in protest on Sabarimala - ऑडियो पर भूचाल:  सबरीमाला पर प्रदर्शनों में पार्टी का हाथ

हरियाणा से त्रिपुरा राजभवन की ओर चले सत्‍यदेव नारायण

हरियाणा के राज्‍यपाल रहे सत्‍यदेव नारायण आर्य को अब त्रिपुरा का गवर्नर बनाया गया है। मूल रूप से बिहार के रहने वाले सत्‍यदेव नारायण 8 बार वहां की राजगीर विधानसभा सीट से चुनाव जीत चुके हैं। बिहार सरकार में दो बार मंत्री रह चुके सत्‍यदेव राजगीर के पहले और नालंदा से बनने वाले दूसरे गवर्नर हैं।

त्रिपुरा के राज्‍यपाल रमेश बैस को झारखंड भेजा गया है। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में राज्‍य मंत्री रहे रमेश बैस सात बार सांसद चुने गए थे। 2019 से हरियाणा के राज्‍यपाल का पद संभाल रहे बंडारू दत्‍तात्रेय अब हरियाणा के राजभवन में रहेंगे। युवावस्‍था में संघ का हिस्‍सा बनने वाले दत्‍तात्रेय को इमरजेंसी के दौरान जेल में डाल दिया गया था। वह वाजपेयी की दूसरी सरकार में मंत्री भी रहे। जब 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो उन्‍होंने दत्‍तात्रेय को श्रम और रोजगार राज्यमंत्री बनाया।

वैसे देखा जाये तो ये एक सरकारी काम है लेकिन राजनीति के पंडित अब इसके पीछे सियासत को खोजने में लगे है और हो भी क्यो ना आखिर बिना सियासत सरकार में कुछ नहीं बदलता है।