प्रधानमंत्री के दीया जलाने की अपील पर विरोधी भी चित्त

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कोरोना से बचाव के लिये देश मे लॉकडाउन चल रहा है | इस बीच प्रधानमंत्री ने आज लोगों से 5 अप्रैल के दिन रात के 9 बजे दिया जलाने का आग्रह किया है | उन्होंने अपने संदेश में देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना के अंधकार को प्रकाश की ताकत से हराने की आवश्यकता है। उस प्रकाश में, उस रोशनी में, उस उजाले में, हम अपने मन में ये संकल्प करें कि हम अकेले नहीं हैं, कोई भी अकेला नहीं है। 130 करोड़ देशवासी, एक ही संकल्प के साथ कृतसंकल्प हैं।

शुरू हुई राजनीति

प्रधानमंत्री मोदी के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी पांच अप्रैल को रात बजे दीया जलाकर मुहिम को सफल बनाने की उम्मीद की है। कांग्रेस के नेताओं ने प्रधानमंत्री की इस मुहिम को कठघरे में रखना शुरू कर दिया है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने इसे चिराग तले अंधेरा बताया है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने भी प्रधानमंत्री की अपील का स्वागत किया है। भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने अमर उजाला को बताया कि प्रधानमंत्री की यह अपील अंधकार से प्रकाश की ओर, नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर, निराशा से आशा की ओर ले जाने की किरण है।

कोहली ने कांग्रेस को जवाब देते हुए कहा कि देश कठिन दौर से गुजर रहा है और कांग्रेस को साथ देने के बजाय राजनीति सूझ रही है।

कोरोना से हराने में लॉकडाउन बहुत कारगर

नीति आयोग, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर कोविड-19 से लड़ने की योजना तैयार कर रहा है। नीति आयोग के सूत्रों का कहना है कि देश को कोरोना से जंग के लिए पर्याप्त संसाधन चाहिए। बड़ी संख्या में मास्क, वेंटिलेटर, फेस शील्ड, पीपीई बेस्ड किट आदि की जरूरत है। देश लगातार इन तैयारियों में युद्ध स्तर पर लगा है। ऐसे में भारत ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाऊन की नीति अपनाई है।

लाइफ केयर इंस्टीट्यूट के एमडी डा. जीपी पाठक समेत अन्य का कहना है कि लॉकडाउन की नीति अपनाने की आलोचना नहीं की जा सकती। चिकित्सकों का कहना है कि लॉकडाऊन कैसे, कब किस तरह से लागू करना है, यह तय करना सरकार का काम है, लेकिन कोरोना से हराने में लॉकडाउन बहुत कारगर है।

इसके चलते ही संक्रमण को अभी तक बड़े पैमाने पर फैलने से रोका जा सका है। इस दौरान भारत के पास जो चिकित्सीय संसाधन नहीं है, उसे जुटाने का प्रयास कर रहा है।

 


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