मोदी और शाह ने अपने करीबी मंत्रियों तक को भनक नहीं लगने दिया, आर्टिकल 370 को ख़त्म करने वाले फैसले के बारे में

Kashmir_Mission

बीते कल में MODI 2.0 की सरकार ने कश्मीर समस्या का हल निकालते हुए सबसे बड़ा फैसला लिया और जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 को ख़त्म कर दिया | सरकार का ये फैसला जितना खुश करने वाले था उतना ही हैरान करने वाला भी था | बता दे की सरकार का ये फैसला सिर्फ जनता के लिए गुप्त नहीं था बल्कि कई बड़े नेता, मंत्री और अधिकारियों तक को सरकार के इस निर्णय की भनक भी नहीं थी |

वैसे तो पिछले कुछ दिनों में जिस प्रकार घाटी की सुरक्षा के पुख्ता इन्तेजाम किये जा रहे थे, लोगों का संदेह बढ़ता जा रहा था | लोगों को लग रहा था की घाटी में कोई बड़ा हमला होने वाला है या कुछ तो होने वाला है | विपक्षी नेताओं ने घाटी में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती और अमरनाथ यात्रा को रोके जाने के मामले को लेकर कई बार सरकार पर निशाना साधने की कोशिश की | पर किसी ने भी ये नहीं सोचा था की कश्मीर की सुरक्षा बढाने के पीछे PM मोदी की असली मंशा क्या थी |

दूसरे कार्यकाल के शुरुआत से कश्मीर की समस्या को हल करना थी मोदी की प्राथमिकता

सूत्रों का कहना है की अपने दुसरे कार्यकाल के शुरुवात में मोदी सरकार ने एक वरिष्ठ अधिकारी से राष्ट्रपति के आदेश पर प्रयोग होने वाले पेपर के बारे में पूछा था | यहीं नहीं कुछ समय पहले से कश्मीर को लेकर सरकार में हलचल भी तेज हो गयी थी पर सरकार के मंसूबों से हर कोई बेखबर था | इन साडी प्रक्रियों को बहुत ही गुप्त रखा गया था | यहाँ तक की सरकार के इस एतिहासिक फैसले को वरिष्ठ सहयोगियों और अधिकारीयों से तक गुप्त रखा गया था |

मंत्री बनने के बाद शाह मिशन पर

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अमित शाह को कैबिनेट मंत्रालय में शामिल नहीं किया गया था पर इस बार PM मोदी ने उन्हें अपने कैबिनेट में बतौर गृह मंत्री नियुक्त किया है | सूत्रों का मानना है की मोदी के शाह को गृह मंत्री पीछे बनने की सबसे बड़ी मंशा यही थी जल्द से जल्द कश्मीर की समस्या का निवारण किया जाये | शाह के साथ-साथ NSA अजीत डोभाल को भी इस मिशन को कामयाब बनाने की जिम्मेदारी दी गई | इस मिशन में कश्मीर के मुख्य सचिव बी वी आर सुब्रमण्यन और गृह सचिव राजीव गौबा समेत कई अन्य अधिकारीयों को भी सम्मिलित किया गया था |

छुपाया अतिरिक्त सुरक्षा बल्कि तैनाती का असल मुद्दा

कुछ समय पहले ही रक्षा मंत्रालय से आर्डर पास हुआ जिसके तहत कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती का आदेश दिया गया था | सरकार से जब इस आदेश की वजह पूछी गयी तो उन्होंने बताया पाकिस्तान से संभावित खतरे और इस्लामाबाद के अफगानिस्तान सीमा से अपने सैनिकों को हटाने को शांति के लिए खतरा बताया गया | सरकार ने ये भी कहा की किसी प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए कश्मीर में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गयी है |

बता दे की 2019 के लोकसभा चुनाव के कुछ महीने पहले से PM मोदी कश्मीर की समस्या को प्राथमिकता दे रहे थे | अपने पहले कार्यकाल के आखिरी महीनों में ही आर्टिकल 370 में कुछ काटछांट की बात सरकार के वरिष्ठ सहयोगियों से कर रहे थे | खैर जिस तरह मोदी देश की समस्यों को ख़त्म कर रहे है, अब तो हम भी यही कहेंगे ‘मोदी है तो मुमकिन है |’