मोदी 2.0 की सुपर स्पीड और हौसलों ने देश को दी नई उड़ान

ठीक एक साल पहले आज ही के दिन नरेन्द्र मोदी ने देश की दूसरी बार कमान संभाली थी, सत्ता में लौटी सरकार पहले वाली सरकार से भी ज्यादा बहुमत लेकर वापस लौटी थी जिससे ये साफ हो गया था कि मोदी1.0 में सरकार ने जनहित में जो काम किये थे वो जनता को खूब भाये। लेकिन किसी ने ये सोचा ही नही था कि मोदी 2.0 की स्पीड पहले पार्ट से ज्यादा तेज होगी। जिसका नतीजा ये हुआ कि एक साल के भीतर ही सरकार ने 70 साल पुराने मामलों को सुलझाना शुरू कर दिया। मोदी2.0 के पहले साल में सबसे खास बाते क्या थी चलिए उसपर प्रकाश डालते हैं।

सुपर स्पीड में दिखी मोदी 2.0

वैसे तो मोदी1.0 में ही सरकार की स्पीड दौड़ लगाकर काम करने की थी, लेकिन मोदी2.0 में ये स्पीड सुपर हो गई। सरकार के शपथ लेते ही मोदी जी के दिशा निर्देश में 31 मई से ही सरकार की चाल सुपर स्पीड में दिखी मानो पहली बार ऐसा लगा जैसे कोई सरकार चुनाव के बाद नही बल्कि चुनाव होने हो इस तरह से काम कर रही हो। पहली कैबिनेट में ही जल मंत्रालय का गठन, फौज में शहीद हुए जवानों के बच्चों की पढ़ाई में खर्च किये जाने वाले रकम को बढ़ाना हो या फिर छोटे दुकानदारों को पेंशन योजना चालू करना हो सब महज एक दिन में ही करके ये बता दिया कि मोदी जी की स्पीड इसबार राकेट से तेज होगी। इसी का परिणाम दिखा कि लोकसभा में पहली बार सुबह से देर रात तक काम करके कई सारे बिल पास करवाये गये। इसमें परिवहन विभाग से जुड़ा ऑटो अधियम भी शामिल था तो तीन तलाक, बैंको का विलय करके देश को मजबूत बनाने पर भी मोहर लगी थी। इसके साथ-साथ छोटे बड़े कई बिल को पास करके सरकार ने अपनी तस्वीर साफ कर दी थी कि जनता से मिला आपार समर्थन पर उन्हें खरा उतरना है तभी तो 70 साल से जिन मुद्दो को राजनेता छूते नही थे उनका हल निकालकर सरकार ने एक शक्तिशाली सरकार की छवि दुनिया को दिखाई। मसलन धारा 370 हटाकर देश में एक संविधान एक प्रधान के युगों पुराने सपने को सच किया तो आजादी के बाद आये देश में आई हिंदू आबादी को भारत माता के लाल होने का दर्जा नागरिक संसोधन कानून में तब्दीली करके किया। तो राम मंदिर निर्माण के लिये कोर्ट में जल्द सुनवाई करके फैसला जल्द करने के लिये अटकाने की पंरपरा को खत्म किया।

मोदी2.0 में सरकार का हौसला पहले से ज्यादा बुलंद

मोदी2.0 में सरकार के हौसले की बात करें तो वो बहुत बुलंद था और हो भी क्यों न आखिर सरकार को देश की जनता का अपार साथ जो मिला था खुद पीएम मोदी ने इस बाबत कहा था कि उन्होंने कई चुनाव लड़े और लड़वाये लेकिन इस बार के चुनाव में कई मिन्नता थी क्योंकि इसबार चुनाव सरकार बनाम विपक्ष नही बल्कि विपक्ष बनाम जनता लड़ा जा रहा था लेकिन असल सरकार के हौसले कि परीक्षा कोरोना संकट के वक्त देखने को मिली । जब सारा संसार कोरोना से परेशान दिख रहा था तब मोदी सरकार का हौसला ही था जिसने इस महामारी से समूचे विश्व को लड़ना सिखाया तो भारत की हर वर्ग की आर्थिक सहायता के लिए पहली बार महा आर्थिक पैकेज की घोषणा की जिससे देश को आत्मनिर्भर बनाने का नया मंत्र भी दिया। मोदी सरकार ने लोगों के भीतर एक नया हौसला भरा कि वो इस संकट के वक्त को भी अवसर में बदल सकते है। और कुछ नया करके देश को आगे ले जा सकते हैं। इसका परिणाम महज दो महीने में दिखने भी लगा जब देश पीपीई किट उत्पादन करने में दूसरे नबंर पर आ गया। इसी तरह छोटे कारोबारियों,किसानों ने भी देश की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिये संकल्प लिया जिसके चलते कृषि सेक्टर में आने वाले दिनो में बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे।

मतलब साफ है कि अगर सही नियत के साथ कोई देश हित में काम करता है तो उसकी स्पीड सुपर हो जाती है। सत्ता को भोग न समझकर जो सेवा समझता है वो सन्यासी कहलाता है और मोदी सरकार 2.0 कुछ इसी तरह की लग रही है जिसका सारा वक्त सिर्फ जनहित के लिये है।