मोदी 2.0 ने तोड़ा लोकसभा के काम करने का रिकॉर्ड

broken records of Lok Sabha

MODI 2.0 की सरकार अपने कार्यकाल के शुरुवात से ही फुल एक्शन मोड में नज़र आ रही थी| सरकार गठित होने के अगल दिन ही कैबिनेट मंत्रियों की बैठक हुई जिसमे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गयी थी| सरकार के करीब 2 महीने पुरे होने वाले है और अब तक सरकार कई योजनाओ को हरी झंडी दे चुकी है और तेजी से इन योजनाओ को कार्यरत किया जा रहा है| इसका असर वर्तमान के सत्र में भी नज़र आ रहा है|

बता दे की इस साल चालू सत्र में सांसदों के तेज गति से हो रहे कार्यों ने पिछले 20 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है| जी हाँ इस साल चालू सत्र सबसे ज्यादा उत्पादक साबित हो रहा है|

128% प्रॉडक्टिविटी के साथ टूटा 20 साल का रेकॉर्ड

यह 17वीं लोकसभा का पहला सत्र है और सांसदों को उनके कार्य के प्रति बढती रूचि और कार्य सम्पूर्ण करने की बढती रफ़्तार के वजह से इस सत्र की उत्पादकता पिछले 20 वर्षों में सबसे ज्यादा दर्ज की गई है पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के आंकडे बताते है की बीते 16 जुलाई तक इस सत्र की उत्पादक फीसदी 128 प्रतिशत रही जो अब तक के किसी भी सत्र की उत्पादक फीसदी से कई ज्यादा है| 2016 में बज़ट सत्र की उत्पादकता फीसदी करीब-करीब 125% रही थी|

ताकि अलग से नहीं बुलाना पड़े मॉनसून सत्र

OM Birla

सरकार चाहती है की ज्यादा समय से पड़े विधेयकों को इसी सत्र में निपटा लिया जाये ताकि मानसून सत्र बुलाने की ज़रुरत न पड़े| बता दे की इस सत्र का सबसे ज्यादा उत्पादक दिन 11 जुलाई रहा जिस दिन सदन में रेल मंत्रालय के लिए लेखा अनुदान पर करीब-करीब मध्य रात्रि तक बहस हुई| सदन में इस मुद्दे पर चर्चा का समय पहले सुबह 3 बजे तक का तय किया गया था जिसके अंतर्गत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने लोकसभा सचिवालय में अगले सुबह तक सभी ज़रूरत के चीज़ों का इन्तेजाम करने के निर्देश दिए थे| 16 जुलाई को भी लोकसभा की कार्यवाही मध्य रात्रि तक चली|

आपको हमने पहले भी जानकारी दी थी बीते मंगलवार को सांसदों की बैठक PM मोदी के साथ हुई जिसमे सदन की निर्बाध कार्यवाही की प्रसंशा करते हुए कहा की अगर ज़रुरत पड़ती है तो सत्र के कार्यकाल की अवधी को बढ़ा दिया जाये पर सारे महत्वपूर्ण कार्यों को निश्चित रूप से इसी सत्र में निपटाने की पूरी कोशिश करे|

16वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म हो जाने के कारण कुछ ऐसे प्रमुख विधेयक बीच में ही रुक गए थे जिनको अब सरकार तेजी से कह्तं करना चाहती है| बता दे की इस लोकसभा के पहले सत्र में अब तक करीब 8 विधेयकों को मंजूरी दे दी गयी है|

खैर इतना तो हम जानते है की PM मोदी जितने अच्छे लीडर है उनकी टीम भी उतनी ही प्रतिभाशाली है और कर्यप्रेमी है| यहीं नतीजा है की सत्र की कार्यवाही धल्लड़े से आगे बढ़ रही है|