वीआईपी संस्कृति को निकालकर नई परंपरा शुरू करती मोदी 2.0 सरकार

सादगी और त्याग की राह पर चलने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मोदी 2.0 सरकार वीआइपी संस्कृति को नकारकर सादगी और समर्पण की नयी परंपरा का निर्वहन कर रही है|

मोदी ने शुरू की सादगी और बचत की एक नयी परंपरा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद सादगी की मिसाल हैं| हमेशा खादी वस्त्रों में दिखने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने खादी को विश्वस्तर पर पहचान दिलाई| न सिर्फ पहनावा बल्कि अपने रोजमर्रा के जीवन-यापन, कार्यकारिणी और राजनयिक दौरों में भी मोदी ने नै परिभाषा गढ़ी है| उल्लेखनीय है की मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही अपनी राजनयिक यात्राओं के दौरान भारी-भरकम मीडिया के लाव लश्कर और जरुरत से ज्यादा बड़े प्रतिनिधिमंडल में भारी कटौती की थी|

इतना ही नहीं विदेश यात्राओं के दौरान अलग-अलग टाइम जोन के बीच के अन्तराल को ध्यान में रखते हुए वो ज्यादातर रात में ही सफ़र करना पसंद करते हैं| सिर्फ इसलिए की दिन के समय की बचत हो और नियत समय के विदेश दौरों में ज्यादा से ज्यादा काम निपटाया जा सके|

रूस में सोफे को त्यागकर बाकी लोगों की तरह कुर्सी पर बैठे मोदी

पीएम मोदी ने कुर्सी पर बैठकर ही कराया फोटो सेशन

अभी अपने रूस दौरे के फोटो सेशन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री के लिए ख़ास सोफ़ा का इंतज़ाम किया गया था| लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने सोफ़ा हटवाकर बाकि लोगों की तरह कुर्सी मंगवाई और फिर फोटो सेशन हुआ| देश के सर्वोच्च लोकतान्त्रिक पद पर रहते हुए भी, प्रधानमंत्री मोदी हमेशा सबको बराबर तरजीह देते हैं| केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक विडियो ट्वीट किया था, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी सोफा छोड़कर कुर्सी पर बैठते नजर आ रहे हैं|

मोदी के मंत्री भी मोदी से कम नहीं

प्रधानमंत्री मोदी के दुसरे कार्यकाल में बने मंत्रिमंडल के मंत्री भी मोदी का अनुसरण करते हुए सादगी और सरलता का उदाहरण पेश कर रहे हैं|

केंद्रीय मंत्री देते हैं मेट्रो में सफ़र को तरजीह

Gajendra_Singh_Shekhawat in delhi Metroइसी सप्ताह मंगलवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत दिल्ली मेट्रो में सफ़र करते दिखाई दिए| दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन में सफ़र कर रहे लोगों को पता भी नहीं था कि उनके साथ उनके ही डिब्बे में मोदी सरकार का एक कद्दावर नेता सफ़र कर रहा है| लोगों को तो पता भी नहीं चलता अगर श्री शेखावत ने अपने यात्रा की तस्वीरें और दिल्ली मेट्रो की सफाई और कार्यकुशलता की प्रशंसा करते हुए ट्वीट नहीं किया होता|

वैसे मंत्री जी, मेट्रो में फोटोग्राफी पर प्रतिबंध है| कहीं विपक्षी नाराज़ होकर इसे मुद्दा न बना दें| ट्विटर पर कुछ यूजर्स ने ये बात उठाई भी है, लेकिन सबने एक स्वर से केंद्रीय मंत्री की सराहना की है| उल्लेखनीय है की श्री शेखावत ने ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से शिक्षा ग्रहण की है|

मोदी के कई अन्य मंत्री और सांसद हैं सादा जीवन, उच्च विचार वाले

मोदी सरकार के कई अन्य मंत्री और सांसद भी सरल और सादगी भरे जीवन जीने के लिए प्रसिद्ध हैं| उड़ीसा के मोदी कहे जाने वाले प्रताप चंद्र सारंगी की चर्चा के बिना हर चर्चा अधूरी है| अपना पूरा जीवन समाज को न्योछावर कर देने वाले सारंगी आज भी छोटे से झोपडीनुमा घर में रहते हैं और आवागमन के लिए साइकिल का इस्तेमाल करते हैं|

बीकानेर से सांसद अर्जुन मेघवाल भी साइकिल से संसद जाने के लिए मशहूर हुए थे| उल्लेखनीय है जब दिल्ली में ऑड-इवन ट्रैफिक सिस्टम लागू हुआ था तब मेघवाल ने साइकिल से संसद जाना शुरू किया था|

गुजरात से राज्यसभा सांसद मनसुख मांडविया भी साइकिल से संसद जाने के लिए मशहूर हैं| मोदी 2.0 मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद शपथग्रहण समारोह में भी मांडविया साइकिल से ही राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे|

आलोचक और विपक्ष चाहे जो भी कह ले, लेकिन मोदी 2.0 सरकार ने जो परंपरा शुरू की है वो सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट न होकर इन जनप्रतिनिधियों का जीवन जीने का तरीका है| अब ऐसे सरकार के हाथ में देश का भविष्य है, ऐसे में देश का भविष्य तो उज्जवल होना ही है|