भविष्य का खाका बनाने में जुटा कृषि मंत्रालय – सरकार बनते ही किसानों को सौगात देने की तैयारी

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२०१९ का लोकसभा चुनाव अपने अंतिम चरण में है| देश की जनता और संपूर्ण विश्व ये कयास लगाने में जुटा है की अगली सरकार किसकी बनेगी| ऐसे में कृषि मंत्रालय आने वाले साल में देश में कृषि और कृषि पर आधारित विषयों के भविष्य का खाका बनाने में जुटा है| लक्ष्य है भविष्य की प्राथमिकतायें तय करना और आने वाली चुनौतियों से निपटने की संपूर्ण तैयारी, जिस से अगली सरकार के आते ही उनकी मुहर लगाने के लिए सारा मसौदा पहले से तैयार हो|

प्रथम सौ दिन और पाँच साल का एजेंडा

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कृषि मंत्रालय के साथ साथ ही कृषि प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय भी सरकार बनने के बाद आने वाले सौ दिन और फिर पुरे पाँच साल का खाका बनाने में जुटा है| मुख्य लक्ष्य है भारत जैसे कृषिप्रधान अर्थव्यवस्था वाले देश में कृषि सम्बन्धी सुधारों को गति पहुँचाना और किसानों की आमदनी बढ़ाने के ऊपर पर जोर देना और उनका क्रियान्वयन करना|

इस पूरी कवायद में कृषि मंत्रालय के साथ-साथ, कृषि प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, खाद्य व खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, सभी मिलकर लगे हैं| इस पहल को नीति आयोग का भी सहयोग प्राप्त है| आयोग के अधिकारिओं द्वारा आज बृहस्पतिवार को ही योजना के प्रथम ड्राफ्ट का प्रेजेंटेशन होगा|

इस योजना की ख़ास बातें

• चुनौतियों से निपटने की रणनीति को प्राथमिकता
• मोदी सरकार द्वारा शुरू की गयी योजनाओं का लेखा-जोखा और उनमें गति प्रदान करना
• ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित औद्योगित विकास पर जोर
• राज्य व केंद्र के बीच समन्वय के साथ कानूनी सुधार पर जोर
• पंरपरागत फसलों की खेती के साथ किसानों को अन्य वैकल्पिक आमदनी के उपाय पर जोर

मोदी सरकार ने पिछले पाँच साल के अपने कार्यकाल में सरकार और सरकारी महकमे की कार्यप्रणाली में अभूतपूर्व सुधार किये हैं| पहले किसी विभाग या मंत्रालय द्वारा किये गए कार्यों की समीक्षा और भविष्य के रोडमैप को ज्यादा तवज्जो नहीं दी जाती थी| लेकिन आज ये रवैया पेशेवराना हो गया है, अब मुख्य ध्येय है हर छोटी-बड़ी योजनाओं का समुचित लाभ देश की जनता को पहुँचाना|

 


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