रेल के निजीकरण पर मंत्री जी का दो टूक जवाब, सरकारी रोड पर निजी वाहन चल सकता तो रेल की पटरी पर क्यों नहीं 

जिस ईमानदारी से मोदी सरकार पिछले 6 सालों से काम कर रही है उसको देखते हुए सरकार के विरोध में सिर्फ कुछ लोग भ्रम फैलाकर सरकार को बदनाम करने में लगे होते है। ऐसे लोगों को जब कोई मुद्दा नहीं मिलता तो वो बस एक आरोप लगाते है कि सरकार हर चीज का निजीकरण कर रही है। ऐसा ही एक झूठ रेलवे को लेकर भी खूब फैलाया जा रहा है लेकिन इस बाबत सदन में रेलमंत्री ने क्या बोला ये आपको जानना बहुत जरूरी है।

Indian Railways will never be privatised', assures Piyush Goyal in Lok Sabha

भारतीय रेल का नहीं होगा निजीकरण

रेलवे के निजीकरण को लेकर पिछले कुछ सालों से खूब झूठ फैलाया जा रहा है। आज खुद इस झूठ का पर्दाफास करते हुए रेलमंत्री ने सबको साफ कर दिया कि रेलवे का निजीकरण नहीं होने वाला है और जो इस तरह की बात करता है वो सिर्फ झूठ को जनता के सामने पेश कर रहा है। भारतीय रेलवे के निजीकरण को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ किया है कि रेलवे का निजीकरण नहीं किया जाएगा और यह हमेशा सरकार के पास ही रहेगा। इतना ही नही उन्होने बोला भारतीय रेलवे देश के भावी विकास का इंजन बन गया है।रेलमंत्री ने आगे कहा कि चाहे वह अर्थव्यवस्था हो, यात्रियों की सुविधा हो या कोई अन्य क्षेत्र हो सरकार संवेदनशीलता के साथ सभी की मांगों को सुन रही है और उनकी आवश्यकताओं को समझ रही है। इसी लिये निवेश बढ़ाने, अधिक बेहतर सेवाएं और बेहतर माल ढुलाई सेवाएं प्रदान करने के लिए रेलवे पटरियों पर सरकारी और निजी वाहनों को भी चलना चाहिए। जिससे रेलवे की आय बढ़ेगी लेकिन ये निजीकरण नही होगा। खुद पियुष गोयल ने इस बाबत एक उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे सड़क सरकार की संपत्ति होती है लेकिन उसपर निजी वाहन बी चलते है ऐसे ही अगर रेल की पटरी पर निजी ट्रेने चलती है तो उसे निजीकरण नही समझना चाहिये आने वाले वक्त की ये मांग है और इसे ध्यान रखकर ही सोचना चाहिये।

Piyush Goyal dismisses reports of privatisation of Indian Railways, says no  such plan has been made

कोरोना काल में रेलवे ने दिखाया अपना दम

इसके साथ साथ रेलमंत्री ने संसद को बताया कि जब सारा देश कोरोना माहामारी के चलते लॉकडाउन था उसवक्त भी रेल के पहिये नही थमे समूचे भारत में सामान की आवाजाही सही वक्त पर हो इसके लिये रेल ने बेहतर तरीके से काम किया वही पिछले साल रेलवे सुरक्षा को लेकर भी सफल साल रहा क्योकि रेल हदसे में मरने वाली की संख्या शून्य रही जो रेलवे के सुरक्षा मानको को बताती है कि वो अब पहले से कितनी बेहतर हो गई है। वही किसान रेल ने रेलवे की आय के साथ साथ किसानों को भी बड़ी राहत दी है। रेलवे आने वाले दिनो में और तेजी से विकास कामों में लगी हुई है जिसके चलते देश की सभी छोटी लाइन को बड़ी लाइन में बदलने का संकल्प इस साल रेलवे ने लिया है। भारतीय रेलवे को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए एक राष्ट्रीय रेल योजना-2030 बनाई गई है। उन्होंने कहा कि रेलवे ने 68 परियोजनाओं को महत्वपूर्ण श्रेणी में रखा है, 58 परियोजनाओं को महत्वपूर्ण श्रेणी के दूसरे चरण में रखा गया है।

रेलवे को लगातार मोदी सरकार शिखर की तरफ ले जा रही है फिर रेलवे के स्टेशन हो या फिर रेल सभा आत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हो रही है और सबसे बड़ी बात ये कि ये परिवर्तन जनता को दिख भी रही है।