वैक्सीनेशन का मेगा अभियान देश में केंद्र सरकार ने किया शुरू

कोरोना को हराने के लिये आज से देश भर में मेगा वैक्सीनेशन का अभियान शुरू कर दिया गया है। जिसके तहत देश में अब सभी लोगों को मुफ्त में वैक्सीनेशन लगाई जायेगी और इस अभियान की सारी देखरेख केंद्र सरकार के द्वारा किया जायेगा। खुद पीएम मोदी ने 7 जून को इस नई पॉलिसी का ऐलान किया था।

सरकारी अस्पतालों में फ्री वैक्सीनेशन

इस पॉलिसी के तहत आज से अगर आप सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर में वैक्सीन लगवाने जा रहे हैं तो आपको कोई शुल्क नहीं देना होगा। सभी सरकारी अस्पतालों में आपको कोरोना वैक्सीन फ्री में लगाई जाएगी। यह सुविधा केवल सरकारी अस्पतालों में होगी और प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन लगवाने पर वहां आपको तय फीस देनी होगी।

वैक्सीन की बर्बादी के चलते केंद्र ने उठाया कदम

जिस तरह से पहले राज्य सरकारें वैक्सीनेशन का काम खुद कर रही थी तो कई राज्यों से वैक्सीनेशन की बर्बादी की खबर आ रही थी तो दूसरी तरफ कुछ राज्य वैक्सीनेशन का खाका भी ठीक तरीके से तैयार नहीं कर पा रहे थे जिसके चलते कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश ने कोरोना का विकराल रूप देखा। जिसके बाद केंद्र सरकार ने वैक्सीनेशन अभियान को अपने हाथो में लिया है वैसे अगर देखा जाये तो 18+ के पहले जब 45+ के ऊपर के लोगों को केंद्र सरकार टीकाकरण कर रही थी तो देश में वैक्सीनेशन का कार्यक्रम बहुत ठीक तरीके से चल रहा था लेकिन धीरे धीरे जैसे जैसे राज्यों के हाथ में वैक्सीनेशन का काम आया वैसे ही हालत खराब होने लगी थी जो आप सबने देखा ऐसे में सरकार ने एक बार फिर से इस अभियान को अपने हाथ में लेकर जल्द से जल्द वैक्सीनेशन का अधिक से अधिक लोगों को लगाने का लक्ष्य रखा है। खास बात ये है कि इस बार भी वैक्सीनेशन के नियम में कोई बदलाव नही किया गया है। सरकारी और प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटर लोगों की सुविधा के लिए उन्हें ऑनसाइट रजिस्ट्रेशन की भी सुविधा दे सकेंगे,  इसकी विस्तृत प्रक्रिया राज्य सरकारें तय करेंगी। ये नई गाइडलाइंस  आज से लागू हो गई हैं और सरकार इसे समय समय पर रिव्यू करती रहेगी।

इस अभियान के शुरू हो जाने के बाद से ये तो साफ हो गया है कि वैक्सीन को लेकर सियासत जरूर खत्म होगी क्योंकि पहले जो लोग ये चिल्ला रहे थे कि वैक्सीनेशन का काम केंद्र क्यों नही अपने हाथो में ले रही है उस पर अब पूर्णविराम लग गया है लेकिन इस बीच ये भी देखना होगा कि क्या केंद्र साल के अंत तक अपने लक्ष्य को प्रप्त कर लेता है अगर कर लेता है तो ये मानकर चलिये कि कोरोना के खिलाफ ये एक बड़ी जीत होगी।