मिलिए तीन तलाक के सुपरहीरो से, वो मुस्लिम महिलाएं जिन्होंने समाज के बेतुके प्रथा के खिलाफ छेडी जंग

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बीते मंगलवार को सरकार के लगातार प्रयासों से आखिर राज्यसभा से भी मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019, जिसे हम तीन तलाक बिल के नाम से भी जानते है पारित हुआ और इसके साथ ही मुस्लिम महिलाओं के सर से तीन तलाक का डर भी ख़त्म हो गया | इस बिल का पारित होना भी सरकार के लिए किसी ऐतिहासिक सफलता से कम नहीं है |

गौरतलब है की तीन तलाक जैसे प्रथा को समाज में ख़त्म करने के लिए सरकार के प्रयास रंग लाये है पर इस लड़ाई के सुपरहीरोज को हम कैसे भूल सकते है | जी हाँ मैं उन मुस्लिम महिलाओं की बात कर रही जिन्होंने समाज के इस बेतुके प्रथा के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई और अपने हक़ के लिए अदालत तक पहुंची | ये वो महिलाएं थी जिनमे किसी को फोन के ज़रिये तो किसी को स्टाम्प पेपर पर तो किसी को स्पीड पोस्ट के ज़रिये उनके पतियों द्वारा तीन तलाक दिया गया था | इन महिलाओं ने लगातार प्रताड़ित होने के बावजूद भी अपनी तीन तलाक के खिलाफ लड़ाई जारी रखी और आखिर में उन्हें अपना हक़ मिल ही गया |

सायरा बानो

Triple Talaq Victim Shayara Bano

इन नामो में सबसे खास नाम है शायरा बानो का | उत्तराखंड के काशीपुर की निवासी सायरा बानो को उनके पति द्वारा 10 अक्टूबर 2015 को तलाक दिया गया था जिसके बाद बानो अपने दोनों बच्चों (एक बेटा, एक बेटी) के साथ अभिभावकों के पास रहने लगी | लेकिन बानो को अपने अधिकारों का हनन सहा नहीं गया, और अपने हक़ को वापस पाने के लिए वो दिल्ली आई और एक साल पहले यहाँ पर अधिवक्ता बालाजी श्रीनिवास के मदद से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दर्ज की जिसके अंतर्गत उन्होंने तीन तलाक और निकाह हलाला के चलन की संवैधानिकता को चुनौती दी | इसके साथ ही उन्होंने मुस्लिमों में प्रचलित बहुविवाह के चलन के खिलाफ भी आवाज़ उठाई और इस चलन को ख़त्म करने की मांग की |

अतिया साबरी

Atiya_Sabri

अतिया उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की निवासी है | वो बताती है की उनके सौहर ने उन्हें तलाक सिर्फ इसलिए दिया क्योकि वो बेटे को जन्म नहीं दे पाई थी बल्कि उनकी दो बेटियां थी | इसके साथ ही उन्होंने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज़ के लिए प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है | साबरी के सौहर ने उन्हें कागज़ पर तीन तलाक लिखकर उनसे अपना रिश्ता तोड़ लिया था | बता दे की साबरी की शादी 2012 में हुई थी |

गुलशन परवीन

Gulshan_Parveen

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के निवासी गुलशन परवीन की शादी 2013 में हुई और उनका दो साल का एक बेटा भी है | वो बताती है की उनके पति ने उन्हें 10 रुपये के स्टांप पेपर पर तलाकनामा भेज दिया था |

आफरीन रहमान

Afreen Rehman

जयपुर की रहने वाली 25 वर्षीय अफरीन ने अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज़ मांगने और उन पर घरेलु हिंसा करने का आरोप लगाया था| वो बताती है की इंदौर में रहने वाले उनके पति ने स्पीड पोस्ट के ज़रिये उन्हें तलाकनामा भेज दिया था | जिसके बाद अपना हक़ वापस पाने के लिए अफरीन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया और न्याय की मांग की |

इशरत जहाँ

ishrat jahan

पश्चिम बंगाल की निवासी इशरत जहाँ ने भी तीन तलाक जैसे बेतुके प्रथा और इसके नियमों को खुली चुनौती दी थी | उन्होंने अदालत को बताया की उनका निकाह 2001 में हुआ था और दुबई में रहने वाले उनके पति ने उन्हें फ़ोन पर ही तलाक दे दिया | साथ ही उन्होंने ये भी बताया की उनके बच्चों को उनके पति ने ज़बरन अपने पास रखा है |

अपनी याचिका में इशरत ने अपने बच्चों को वापस दिलाने की मांग की थी और साथ ही पुलिस सुरक्षा की भी मांग की थी | बता दे की इशरत जहाँ अब भाजपा से जुड़ चुकी है |

 


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